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अमिताभ ठाकुर के खिलाफ विजिलेंस का शिकंजा कसा

Sat, 18 Jul 2015 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 18 Jul 2015 02:31 AM IST
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Amitabh Thakur's property to be investigated.

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर फोन से धमकाने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में शिकायत करने वाले आईजी अमिताभ ठाकुर के निलंबन के बाद उन पर विजिलेंस का शिकंजा भी कस गया है।

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शुक्रवार को आईजी कार्मिक बीपी जोगदंड ने ठाकुर को नोटिस भेजकर उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है। ठाकुर को 19 जुलाई तक सभी जानकारियां पेश करने को कहा गया है।
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आईजी कार्मिक की तरफ से भेजे गए पत्र में ठाकुर व उनसे संबंधित व्यक्तियों की संपूर्ण चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। नोटिस में पूछा गया है कि उनके पास कितने मकान व प्लॉट हैं? किस-किसके नाम हैं? कब खरीदे गए ? किसके माध्यम से संपत्ति खरीदी गई? किसने बेची और कितने में बेची?
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संपत्ति बेचने वाले का पता और भुगतान का जरिया क्या था? सरकार को संपत्तियां खरीदने की सूचना दी गई या नहीं? ऐसे सवाल पूछे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि ठाकुर के खिलाफ विजिलेंस जांच का मामला करीब दो साल पुराना है। ठाकुर जब एसपी के पद पर थे तो उन्होंने खुद कई करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा किया था लेकिन अचानक ही प्रॉपर्टी कम बतानी शुरू कर दी।

अफसरों की एक लॉबी की निगाह में चढ़े अमिताभ

Amitabh Thakur's property to be investigated.

सूत्रों का यह भी कहना है कि एकाध साल उन्होंने इन्कम टैक्स रिटर्न भी फाइल नहीं किया। ठाकुर की संपत्ति को लेकर कुछ शिकायतें मिलीं जिसके बाद तत्कालीन आईजी कार्मिक ने ठाकुर के खिलाफ उनकी विजिलेंस जांच के लिए फाइल तैयार कराई थी।

हालांकि, एक आला पुलिस अफसर फाइल दबाए रहे। इसी बीच डीपीसी हो गई और ठाकुर को प्रोन्नत कर आईजी बना दिया गया। आईजी बनते ही ठाकुर की विजिलेंस जांच की संस्तुति करते हुए फाइल शासन को भेज दी गई।

यह मामला अब तक दबा हुआ था लेकिन मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते ही ठाकुर सरकार और अफसरों की एक लॉबी की निगाहों में चढ़ गए।

जांच होनी ही चाहिए, स्वागत है : अमिताभ
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वह विजिलेंस जांच का स्वागत करते हैं क्योंकि यह आपको अपनी सत्यता बताने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी शंका पैदा होने पर विजिलेंस जांच होनी भी चाहिए लेकिन किसी खास घटना के बाद अचानक तेजी अपने आप में कई सवाल पैदा करती है।

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