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अमित शाह की कसौटी पर बढ़ जाएंगी यूपी भाजपा की मुश्किलें

Sun, 15 Nov 2015 02:02 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 Nov 2015 02:02 AM IST
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Amit Shah statement creates problem for BJP.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कसौटी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के कई नेताओं और सांसदों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। इनके सामने नई भूमिका की तलाश की चुनौती भी है।

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इनमें कई तो ऐसे हैं जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी की पहचान दिलाने वाला माना जाता है। ऐसा नहीं है कि इस कसौटी ने सिर्फ पार्टी के उम्रदराज नेताओं के लिए संकट पैदा किया है बल्कि खुद पार्टी के लिए भी इस समस्या का समाधान तलाशना कठिन होगा।
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यूपी से भाजपा के सांसदों में एक दर्जन से ज्यादा 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि शाह की कसौटी पर इन सांसदों का अब क्या होगा। अभी तो इनका लगभग साढ़े तीन साल का कार्यकाल शेष है। प्रश्न यह भी है कि  शाह की बात को क्या इन सांसदों के भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक माना जाए।
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प्रदेश से भाजपा के सांसदों में डॉ. मुरली मनोहर जोशी सबसे ज्यादा लगभग 80 साल के हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और उद्यम मंत्री कलराज मिश्र जैसे नेता शाह की निर्धारित आयु सीमा को पार कर चुके हैं।

सांसदों द्वारा चुनाव लड़ने के वक्त दाखिल शपथ पत्रों पर ही नजर डालें तो घोसी से हरिनारायण राजभर 74 और इलाहाबाद के श्यामाचरण गुप्त भी 70 के हो गए हैं।

सियासत से संन्यास की कसौटी पर यह भी

Amit Shah statement creates problem for BJP.

अकबरपुर से देवेन्द्र सिंह भोले, बलिया के भरत सिंह, बरेली के संतोष गंगवार, डुमरियागंज के जगदंबिका पाल, फतेहपुर सीकरी से बाबूलाल चौधरी, गाजियाबाद से पूर्व सेना प्रमुख वीके. सिंह, मथुरा से हेमामालिनी, मेरठ से राजेन्द्र अग्रवाल और मुरादाबाद से सांसद कुंवर सिंह तंवर भी 60 पार कर चुके हैं। यही नहीं, पार्टी के कम से कम पांच सांसद 59 साल के पास पहुंच चुके हैं।

जाहिर है, अगले साल यह भी अमित शाह की तय सीमा को पार कर जाएंगे। सवाल है कि उनकी कसौटी पर क्या ये भी सक्रिय राजनीति से संन्यास लेंगे।

संगठन का क्या करेंगे : भाजपा के संगठन पर नजर डालें तो शाह की निर्धारित आयु सीमा पर कई नेता फेल हो जाएंगे। ओमप्रकाश सिंह, सूर्यप्रताप शाही, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी तो पहले से ही भाजपा के फैसलों और कामकाज से एक तरह से अलग ही हैं।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना और विधानपरिषद में नेता हृदयनारायण दीक्षित भी इस आयु सीमा को पार कर चुके हैं। संगठन के पदाधिकारियों और विधायकों में भी कई लोग 60 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं।

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