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किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई अमेठी की चर्चा, पीएम ने पुतिन को दिया धन्यवाद
Fri, 14 Jun 2019 08:03 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 14 Jun 2019 08:03 PM IST
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Vladimir Putin, PM Modi
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देश-विदेश में चर्चित रही अमेठी की चर्चा एक बार फिर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुई। इसका कारण था एके-203 असाल्ट राइफल। गुरुवार को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को पिछले फरवरी माह में हुए करार के लिए धन्यवाद दिया। करार के तहत अमेठी के मुंशीगंज में कलाश्निकोव श्रेणी की एके-47 राइफल की तीसरी पीढ़ी की असाल्ट राइफल एके-203 की नई यूनिट लगाई जानी है।
शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने गुरुवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेठी का नाम लेकर यहां के लोगों को खुश होने का अवसर दिया। सम्मेलन के दौरान मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लाब्दिमीर पुतिन को अमेठी के मुंशीगंज में राइफल यूनिट स्थापित करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए करार के लिए धन्यवाद दिया।
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शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने गुरुवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेठी का नाम लेकर यहां के लोगों को खुश होने का अवसर दिया। सम्मेलन के दौरान मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लाब्दिमीर पुतिन को अमेठी के मुंशीगंज में राइफल यूनिट स्थापित करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए करार के लिए धन्यवाद दिया।
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फरवरी माह में दोनों देशों के बीच मुंशीगंज स्थित आर्डिनेंस फैक्टरी परिसर में ही कलाश्निकोव श्रेणी की एके-203 असाल्ट राइफल की नई यूनिट लगाने का करार हुआ था। करार होने के बाद तीन मार्च को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ गौरीगंज के कौहार पहुंचे प्रधानमंत्री ने इंडो रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड की नई यूनिट की आधारशिला रखी थी।
इस दौरान पीएम ने अमेठी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अब यहां बनने वाली राइफल सेना के हाथों में जाकर आतंकवाद का सफाया करेगी। पीएम ने यह भी कहा था कि राइफल पर मेड इन अमेठी लिखा होगा, जिससे क्षेत्र का नाम भी रोशन होगा।
इस दौरान पीएम ने अमेठी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अब यहां बनने वाली राइफल सेना के हाथों में जाकर आतंकवाद का सफाया करेगी। पीएम ने यह भी कहा था कि राइफल पर मेड इन अमेठी लिखा होगा, जिससे क्षेत्र का नाम भी रोशन होगा।
करार के तहत बनेंगी 7.47 लाख राइफल
दोनों देशों के बीच हुए करार में यह भी तय हुआ था कि मुंशीगंज में स्थापित होने वाली नई यूनिट में पहले चरण में 7.47 लाख एके-203 राइफल तैयार की जाएंगी। यह प्रोडक्ट पूरी तरह मेक इन इंडिया कार्यक्रम पर आधारित होगा।
यह है राइफल की खासियत
एके-203 राइफल एके-47 असाल्ट राइफल की तीसरी पीढ़ी का हथियार है। एके-47 की तरह यह राइफल भी एक मिनट में 600 राउंड फायर करेगी लेकिन इसकी मारक क्षमता 350 मीटर के बजाए 500 मीटर होगी। चीन समेत 30 देशों में बन रही इस राइफल की गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार में होती है।
यह है राइफल की खासियत
एके-203 राइफल एके-47 असाल्ट राइफल की तीसरी पीढ़ी का हथियार है। एके-47 की तरह यह राइफल भी एक मिनट में 600 राउंड फायर करेगी लेकिन इसकी मारक क्षमता 350 मीटर के बजाए 500 मीटर होगी। चीन समेत 30 देशों में बन रही इस राइफल की गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार में होती है।