खुशखबरीः सरकारी अस्पताल से घर जाने को मिलेगी एंबुलेंस
सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को डिस्चार्ज होने के बाद उसे घर जाने के लिए अब निजी वाहन और एंबुलेंस तय नहीं करना पड़ेगा। अब सरकारी एंबुलेंस मरीज को उसके घर तक पहुंचाएगी।
हालांकि इसके लिए मरीज को अस्पताल से निकलने से पहले 8 किमी. प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया जमा करना पड़ेगा। ये किराया भी एक तरफ का ही लिया जाएगा। यह सुविधा सिर्फ लखनऊ जिले के भीतर रहने वाले मरीजों को दी जाएगी।
मालूम हो कि निजी एंबुलेंस या वाहन न्यूनतम किराया भी 250 से 300 रुपये तक वसूलते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, शहर के सरकारी अस्पतालों से रोजाना 250 से अधिक मरीज डिस्चार्ज होते हैं जिसमें 100 से अधिक मरीज शहर के भीतरी इलाकों के होते हैं। ऐसे में यह सुविधा मरीजों और परिवारीजनों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगी।
इन अफसरों की होगी जिम्मेदारी
एंबुलेंस मुहैया कराने की जिम्मेदारी सुबह आठ से दोपहर दो बजे के बीच अस्पताल के सीएमएस और चिकित्सा अधीक्षक के पास रहेगी। वहीं शाम चार बजे के बाद कोई मरीज डिस्चार्ज होता है तो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की अनुमति पर एंबुलेंस दी जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस की कमी नहीं है। सिविल अस्पताल में पांच एंबुलेंस हैं जिसमें एक एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और चार बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। बलरामपुर अस्पताल में दो एंबुलेंस हैं, जिसमें एक एंबुलेंस हमेशा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए रहती है। इसी तरह लोहिया अस्पताल में चार एंबुलेंस हैं।
सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि स्वस्थ मरीजों को घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस मुहैया कराने का नियम है। इसका लाभ मरीजों को मिले इसके लिए अस्पताल प्रशासन को बता दिया गया है।