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Amarujala Krishika 2024: तीसरे सत्र में मंत्री असीम अरुण ने किसानों किया सम्मानित, पढ़ें क्या बोले किसान

Tue, 10 Dec 2024 10:28 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 10 Dec 2024 10:28 AM IST
सार

Amarujala Krishika 2024: अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम के तीसरे सत्र में मंत्री असीम अरुण ने किसानों सम्मानित किया। आगे पढ़ें आर जानें सम्मानित होने वाले किसान क्या बोले? 

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Amarujala Krishika 2024: Minister Asim Arun honored farmers in third session read what farmers said
यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजधानी लखनऊ में सोमवार को अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से हुआ। इसका समापन शाम 5 बजे हुआ। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।

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सीमैप के सहयोग से मैं मेंथा, लेमन ग्रास और खस की खेती कर रहा हूं। अच्छा मुनाफा हो रहा है। इससे घाटे का सौदा मानी जाने वाली खेती हमारे लिए व्यवसाय बन गई है। - शैलेंद्र द्विवेदी, दरियाबाद बाराबंकी
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मैं पारंपरिक के बजाय सब्जियों की खेती करता हूं। इससे प्रति वर्ष 25 लाख की आमदनी हो रही है। चार एकड़ खेती से पूरे परिवार की परवरिश कर पा रहा हूं। - नवनीत वर्मा, बाराबंकी
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जैविक सब्जी की खेती का फायदा मिल रहा है। सब्जियां खेत से ही बिक जाती हैं। लखनऊ के एक अपार्टमेंट के सभी लोग इसे खरीद लेते हैं। इससे सालाना 20 लाख तक की कमाई हो जाती है। - दिनेश चंद्र वर्मा, बाराबंकी

जब से मैंने खेती का तरीका बदला आमदनी नजर आने लगी। 16 बीघे में धान, गेहूं, आलू, मटर, टमाटर की खेती करता हूं। डेयरी का भी कारोबार करता हूं। इससे संतोषजनक कमाई कर रहा हूं। - रामपाल सिंह, सुल्तानपुर

गेंदा, गुलाब और सरसों की विभिन्न प्रजातियों के बीज उत्पादन के साथ खेती करता हूं। नौ लड़कियों की शादी की है। अच्छा घर और व्यवसाय है। एक लड़का है जिसे उच्च शिक्षा दिला रहा हूं। -रामकीरत मिश्रा, सुल्तानपुर

टमाटर और शिमला मिर्च की एक एकड़ खेती ने मेरा जीवन बदल दिया। यह एक अच्छी नौकरी से कम नहीं है। सालाना चार से पांच लाख की बचत भी हो जाती है। - गोविंद वर्मा, बाराबंकी

नींबू की खेती करता हूं। इस अभिनव प्रयोग से एक साल में 10 लाख तक की कमाई कर लेता हूं। साथ ही कुछ लोगों को रोजगार भी दे रहा हूं। - आनंद मिश्रा, रायबरेली

जैविक खेती से जुड़ी हूं। ब्लू कॉर्न, कैमोमाइल (ग्रीन टी और ब्लू टी) की खेती कर रही हूं। छोटे स्तर से शुरुआत के बावजूद प्रति वर्ष 50 हजार तक की बचत हो जाती है। - सीता देवी, सीतापुर

पोषण वाटिका और पशुपालन से खेती गुर सीखे हैं। सगंध पौधों की खेती भी कर रही हूं। अमर उजाला की ओर से सम्मानित होने से बड़ी खुशी मिली है। - आरती कुमारी, सीतापुर

मैं फूलों की खेती कर रही हूं। इससे कई गुना ज्यादा लाभ मिल रहा है और पारंपरिक खेती की तुलना में मेहनत भी कम है। अच्छी कमाई भी हो रही है।- विमला देवी, बिसवां, सीतापुर

मैं कृषि सखी हूं। लोगों को किसानी की नई विधाओं से जोड़ने के साथ खुद भी उसे अपना रही हूं। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। - किरण कुमारी, बिसवां, सीतापुर

मसालों की खेती करता हूं। शुरुआत में लोगों ने आलोचना की, लेकिन अब साथ जुड़ रहे हैं। काली हल्दी और सेलम हल्दी उगा रहा हूं। इसके 50 हजार प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। - श्वेतांक त्रिपाठी, सीतापुर

मैंने एक बड़ी कंपनी में अच्छा पैकेज छोड़कर खेती शुरू की। ड्रैगन फ्रूट, तरबूज, केला और पपीता की खेती कर रहा हूं। इससे 20 लाख से अधिक की आमदनी है और कई लोगों को रोजगार भी मिला है। - रोहित सिंह, सीतापुर

सरकार ने मोटे अनाज को श्रीअन्न के रूप में प्रमोट किया तो मैं सामूहिक रूप से किसानों के साथ मोटे अनाज की खेती करता हूं। इसका परिणाम ये है कि हम जिले के कुल उत्पादन का 20 फीसदी उत्पादन करता हूं। इससे कमाई लाखों में है। - सुबोध दीक्षित, चौबेपुर कानपुर

केले की खेती ने मेरा जीवन बदल दिया है। इससे प्रभावित होकर जिले के अन्य किसान भी खेती के तरीके को बदल रहे हैं। 12 एकड़ खेती से साल में 50 लाख तक आमदनी हो जा रही है। - रणवीर सिंह, श्रावस्ती

मक्के की खेती से कर एक साल में 10 लाख की आमदनी हो जा रही है। नौकरी की तुलना में यह कमाई का अच्छा जरिया साबित हो रहा। उत्पादन से लेकर विपणन तक की सुविधा आसानी से मिल रही है। -ओम प्रकाश, श्रावस्ती


जरवेरा फूलों की खेती से पहचान मिली है। एक कंपनी में 20 लाख का पैकेज छोड़कर मैंने खेती को अपनाया। इससे बहुत बढ़िया आमदनी हो रही है। लोग मानने को तैयार नहीं की मैं खेती करता हूं या कंपनी में नौकरी। -राशिद अजीज सिद्दीकी, श्रावस्ती

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