अमर उजाला बिल्ड 2026: केशव मौर्य बोले- यूपी की पहचान अब जाति नहीं, संविधान विरोधी काम कर रहे हैं राहुल गांधी
Build 2026 Lucknow: अमर उजाला बिल्ड 2026 में बोल रहे डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने विपक्षी दलों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राहुल देश में अराजकता फैला रहे हैं।
विस्तार
होटल ताज में चल रहे अमर उजाला बिल्ड 2026 कार्यक्रम में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी के साथ बेहतर हो रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और बेहतरी की गुंजाइश है।
केशव मौर्य ने कहा कि यूपी विकास का पर्याय बन चुका है। इस आयोजन में इंफ्रा को लेकर जो चर्चा हो रही है वह महत्वपूर्ण है। आज जो यहां चर्चा हो रही है उसका सीधा असर गुजरात में हुए बदलाव से है। नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए जो काम किए वह अब यूपी सहित पूरे देश में हो रहे हैं।
यूपी की राजनीति जातिवादऔर तुष्टीकरण की
केशव मौर्य ने कहा कि यूपी की राजनीति कुछ समय पहले तक जाति और तुष्टीकरण के बीच झूल रही थी। केंद्र और राज्य की सरकार ने इस मानसिकता को बदला है। अब प्रदेश में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हम किसी भी क्षेत्र में जाते हैं तो पाते हैं कि यदि हमने इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाया होता तो यह प्रदेश इस तरह से विकास न कर रहा होता।
प्रदेश में रेल, रोड और हवाई मार्ग बेहतर होने के बाद काशी विश्वनाथ सहित पूरे प्रदेश के धार्मिक स्थलों में लोगों का आना-जाना गई गुना बढ़ गया। प्रयागराज के महाकुंभ में तभी 60 करोड़ लोग आ पाए जब प्रदेश में इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर और माहौल बन पाया।
सबका साथ, सबका विकास' से आगे बढ़ेगा प्रदेश
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि सात अक्तूबर को प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया था। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का विकास तभी व्यापक रूप से संभव है, जब योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कौशल विकास और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के क्षेत्र में अभी और काम करने की जरूरत है। हालांकि, प्रदेश में विकास को लेकर पैदा हुआ उत्साह आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है।
डिप्टी सीएम के अनुसार, विकास का लक्ष्य केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमियों के लिए अवसर और स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तैयार करना भी है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश अपनी आर्थिक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है।
विपक्ष को दी चुनौती, कहा- राहुल फैला रहे हैं अराजकता
प्रदेश में युवाओं की ताकत
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में युवाओं की अपनी एक ताकत है। अगर हम उनको उनकी योग्यता के अनुसार काम दे सके तो इस प्रदेश के विकास को पंख लगने निश्चित हैं। यूपी के साथ जहां-जहां डबल इंजन की सरकार है वहां विकास का काम तेजी से हुआ है।
कोराना काल में बनी सूची
डिप्टी सीएम ने कहा कि जब कोरोना काल में लोग बाहर से लौटकर यूपी आ रहे थे तब उनकी सूची बनी। इस सूची में यह देखा गया कि यूपी से निकलकर लोग बाहर कौन सा काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने इसके बाद यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उन्हें यह काम करने के लिए बाहर न जाना पड़े।
एक जिला-एक उत्पाद से वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे स्थानीय उत्पाद
डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विशिष्ट उत्पादों की लंबी शृंखला है। फिरोजाबाद में कागज से बने आकर्षक उत्पादों और मूर्तियों का काम होता है, जबकि मुरादाबाद पीतल के उत्पादों और धातु शिल्प के लिए प्रसिद्ध है। इसी तरह कन्नौज के इत्र और आगरा के पेठे की अपनी अलग पहचान है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की क्षमता है। एक जिला-एक उत्पाद जैसी पहल से इन उत्पादों को पहचान दिलाने और उनके बाजार का विस्तार करने के अवसर मिले हैं। प्रदेश में खरीदने की क्षमता बढ़ने के साथ निर्यात की संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मददगार होगा।
काशी-अयोध्या से लेकर प्रयागराज तक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व
केशव मौर्य ने धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम, गंगा घाटों के विकास और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मथुरा-वृंदावन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
उन्होंने वर्ष 2025 में आयोजित प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 60 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने के दावे के संदर्भ में व्यवस्थाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। यदि श्रद्धालुओं के आवागमन, स्नान और सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम नहीं किए जाते तो इतने बड़े आयोजन का प्रबंधन मुश्किल होता। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों की सफलता के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा और बेहतर व्यवस्थाएं आवश्यक हैं।