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अमर को ठेंगा, आजम की पत्नी को टिकट फिर ड्रामा!

Fri, 31 Oct 2014 09:44 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Oct 2014 09:44 PM IST
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Amar Singh did Not Got Rajya Sabha Ticktet from Samajwadi Party

अमर सिंह की तमाम सियासी कोशिशों के बावजूद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपने परिवार और आजम खां की बात को ही तरजीह देकर अमर-प्रेम के आधिकारिक अंत के संकेत दे दिए। इसी के साथ, जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह से शुरू हुई सियासी सरगर्मी पर भी पूर्ण विराम लग गया, लेकिन अचानक आए एक मोड़ ने सबको हैरान कर दिया है।

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आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा ने सपा का राज्यसभा टिकट ठुकरा दिया है। शुक्रवार को राज्यसभा की उम्मीदवारी के लिए उनके नाम के ऐलान के कुछ घंटे बाद ही डॉ. फातिमा ने चुनाव न लड़ने की इच्छा जता दी। आजम खां ने कहा कि किसी और को मौका देना चाहिए।
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इससे पहले दिल्ली में पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के अशोका रोड स्थित निवास पर सपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद राज्यसभा के लिए पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव, पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा, नीरज शेखर, डॉ. तजीन फातिमा, जावेद अली खान और चंद्रपाल सिंह यादव को टिकट दिए जाने का ऐलान हुआ था।
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राज्यसभा की दस सीटों पर 20 नवंबर को चुनाव होना है। इसके लिए तीन नवंबर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएंगी। सपा अपने दम पर छह प्रत्याशी जिता सकती है।

सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए पार्टी मुखिया मुलायम सिंह को अधिकृत कर दिया गया। बैठक के बाद रामगोपाल ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने छह प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है।

आजम बोले- नेताजी शुक्रिया, किसी और को दें मौका

Amar Singh did Not Got Rajya Sabha Ticktet from Samajwadi Party

नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने अपनी बीवी डॉ. फातिमा को प्रत्याशी बनाने के फैसले का स्वागत किया और नेताजी का शुक्रिया भी अदा किया। लेकिन, कहा कि हम राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहते। पार्टी को राज्यसभा में भेजने के लिए किसी और को मौका देना चाहिए।

सपा ने इन्हें दिया टिकट
रामगोपाल यादव, पार्टी महासचिव (वर्तमान में भी राज्यसभा सांसद)
रवि प्रकाश वर्मा, पूर्व सांसद लखीमपुर खीरी
नीरज शेखर, पूर्व सांसद बलिया (पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रखेशर के पुत्र)

डॉ. तजीन फातिमा, रिटायर्ड शिक्षक, राजकीय डिग्री कॉलेज
जावेद अली खान, संभल (लोकसभा चुनाव में आखिरी वक्त पर कट गया था टिकट)
चंद्रपाल सिंह यादव, झांसी (लोकसभा चुनाव हार गए थे।)

...तो अब किसकी खुलेगी लॉटरी

Amar Singh did Not Got Rajya Sabha Ticktet from Samajwadi Party

डॉ. फातिमा के टिकट ठुकराने के फैसले के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि अब किसकी लॉटरी खुलेगी। हालांकि सपा में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची है, लेकिन पहली कोशिश डॉ. फातिमा को ही राज्यसभा में भेजने की होगी। देखना है कि आजम चुनाव न लड़ने के फैसले पर अडिग रहेंगे हैं या नेताजी के कहने पर पत्नी को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार हो जाएंगे।

पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि उनके कहने पर आजम अपनी पत्नी को राज्यसभा में भेजने के लिए सहमत हो सकते हैं। यदि वह पत्नी को चुनाव लड़ाने को तैयार नहीं हुए तो एक-दो दिन में नए प्रत्याशी का ऐलान हो जाएगा।

और अमर गाथा पर विराम

प्रत्याशियों के ऐलान के साथ ही अमर सिंह के सपा में शामिल होने और फिर से राज्यसभा में भेजे जाने की अटकलों पर विराम लग गया। सपा के जिन तीन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है उनमें अमर सिंह भी शामिल हैं।

हालांकि, वह सपा में नहीं है, लेकिन पिछले दिनों सपा मुखिया से कई मुलाकातों और लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह में आला सपा नेताओं के साथ उनके मंच शेयर करने से अमर सिंह को फिर से राज्यसभा में भेजे जाने की चर्चाएं थी।

टिकट में पिछड़ों-मुस्लिमों पर भरोसा

Amar Singh did Not Got Rajya Sabha Ticktet from Samajwadi Party

प्रत्याशियों में तीन पिछड़े वर्ग से हैं, दो मुस्लिम और दो यादव हैं। यानी इसी समीकरण के बल पर सपा 2017 के विधानसभा चुनाव में उतरना चाहेगी।

अमर को याद आएंगे वसीम बरेलवी

Amar Singh did Not Got Rajya Sabha Ticktet from Samajwadi Party

अमर सिंह अक्सर शेर-ओ-शायरी के अंदाज में अपनी बात कह देते हैं। ऐसे में, मुलायम सिंह का यह फैसला उन्हें मशहूर शायद वसीम बरेलवी का एक शेर जरूर याद दिला रहा होगा।

मोहब्बत में बिछड़ने का हुनर सबको नहीं आता,
किसी को छोड़ना हो तो फिर मुलाकातें बड़ी करना।।


अमर सिंह के साथ पिछले करीब तीन महीने के दौरान ऐसा ही हुआ। लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह में अमर सिंह की शिरकत और आजम खां की नामौजूदगी अलग ही‌ सियासत के संकेत दे रही थी। फिर मुलायम अमर से निजी मुलाकातें करते रहे।

कभी एयरपोर्ट पर, तो कभी घर पर। बीते दिनों दिल्ली में भी अमर और मुलायम की लंबी मुलाकात हुई। इन लंबी मुलाकातों के बाद शायद ही अमर सिंह ने सोचा होगा कि शुक्रवार की सुबह आजम सपा के फैसलों पर फिर काबिज होंगे। कहां तो ये भी चर्चा जोरों पर थी कि अमर खुद तो टिकट पक्का कर ही रहे हैं, जया प्रदा को भी टिकट मिल सकता है। हालांकि, हुआ ठीक उल्टा ही।

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