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माथा पीट रहे हैं भाजपाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 24 Mar 2014 01:16 PM IST
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भाजपाइयों से बड़ा बयानवीर ढूंढे नहीं मिलेगा। बयान की भाषा कहां जा रही है और इसका निशाना किधर है, इससे भी कोई मतलब नहीं।
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बेचारे कार्यकर्ता माथा पीटें तो पीटें। अब अपने अध्यक्ष जी को हीं लें, जोश में दावा कर बैठे कि, ‘देश में मोदी के नाम की आंधी नहीं तूफान चल रहा है।
भाजपा इतिहास का हिस्सा बनने जा रही है।’ बेचारे! कार्यकर्ता सिर धुन रहे हैं। अध्यक्ष जी को कौन समझाए कि तूफान जब आता है तो यह नहीं देखता कि कौन अपना है और कौन पराया।
वह तो जिधर से गुजरता तो सब कुछ तहस-नहस कर देता है। इतिहास का हिस्सा बनने का मतलब है अतीत के पन्नों में गुम हो जाना होता।
कार्यकर्र्ता अध्यक्षजी का असली मंतव्य समझने के लिए हरसंभव जतन कर रहे हैं ताकि जनता तक सही संदेश पहुंचा सकें।