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फाइल तो पढ़ लिया करें सर...
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 24 Dec 2013 01:05 PM IST
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सचिवालय में एक अधिकारी ऐसे हैं जो हर फाइल में कुछ न कुछ आपत्तियां जरूर लगाते हैं।
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एक बार तो फाइल लौटाते ही हैं। उनकी इस आदत से बेचारे मातहत भी बड़े परेशान हैं।
चाहे जितनी मेहनत से फाइल तैयार की जाए,...साहब को तो उसमें आपत्तियां लगानी हैं। वे यह भी नहीं देखते कि जो आपत्ति लगाई है वह नियमानुसार सही है भी या नहीं।
अभी पिछले दिनों ही एक मामले में उन्होंने आपत्ति लगाई कि जिस योजना के लिए पैसा मंजूर हो रहा है, उसके लिए जमीन की क्या स्थिति है?
साहब ने यह भी नहीं देखा कि जिस योजना में पैसा मंजूर किया जा रहा है, उसमें जमीन की कोई जरूरत ही नहीं है।
यह तो पहले से चल रही योजनाओं में कुछ अतिरिक्त बजट दिया जा रहा था। जैसे ही मातहतों के पास फाइल पहुंची...साहब की चली कलम देखकर वे भी उखड़ गए।
उन्होंने साहब को फोन लगाया और कहा-कम से कम फाइल तो पढ़ लिया करिये सर... बगैर फाइल पलटे लगा दी आपत्ति...।