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इंडो-पाक बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यूपी में ALERT
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 29 Sep 2016 04:54 PM IST
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इंडो-पाक बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यूपी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडीजी एलओ ने सभी जिलों में अलर्ट भेजा है।
भारत-नेपाल बॉर्डर को एसएसबी को अलर्ट कर दिया गया है। सभी संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है साथ ही महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सेना की छावनियों पर विशेष चौकसी है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर के उड़ी इलाके में 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारतीय डीजीएमओ रणबीर सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भारतीय सेना ने बीते दिन (बुधवार दिन) सीमा पार आतंकी शिविरों पर हमला किया और कई आतंकी मार गिराए।
उन्होंने बताया कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान हमने कई आतंकी मार गिराए।
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भारत-नेपाल बॉर्डर को एसएसबी को अलर्ट कर दिया गया है। सभी संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है साथ ही महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सेना की छावनियों पर विशेष चौकसी है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर के उड़ी इलाके में 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारतीय डीजीएमओ रणबीर सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि भारतीय सेना ने बीते दिन (बुधवार दिन) सीमा पार आतंकी शिविरों पर हमला किया और कई आतंकी मार गिराए।
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उन्होंने बताया कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान हमने कई आतंकी मार गिराए।
जानें क्या है सर्जिकल स्ट्राइक
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- फोटो : File Photo
सर्जिकल स्ट्राइक एक सैन्य आक्रमण है जिसमें टारगेट पर अचानक इतनी तेज गति से हमला किया जाता है कि सामने वाले को जवाब देने का मौका न मिले।
इसके लिए सेना पहले दुश्मन के ठिकानों का पता लगाती और वहां पहुंचकर उन्हें तहसनहस करके वापस आ जाती है। इस ऑपरेशन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि हमले में आम नागरिक, भवन और वाहन वगैरह को नुकसान न पहुंचे।
सेना की कोशिश रहती है कि उसका कोई भी जवान घायल न हो। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले सेना एक विस्तृत और व्यापक योजना बनाती है, इसमें इमर्जेन्सी प्लान भी शामिल होता है। योजना का उद्देश्य दुश्मन के ठिकानों को ढेर करने के साथ-साथ सभी सैनिकों के सकुशल वापसी का होता है।
भारतीय सेना ने भी एलओसी में 2 किमी तक घुसकर जो हमला किया है उसमें इस बात का ध्यान रखा गया है कि आम नागरिकों और इलाके को नुकसान न हो और आतंकियों को खत्म किया जाए।
इसके लिए सेना पहले दुश्मन के ठिकानों का पता लगाती और वहां पहुंचकर उन्हें तहसनहस करके वापस आ जाती है। इस ऑपरेशन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि हमले में आम नागरिक, भवन और वाहन वगैरह को नुकसान न पहुंचे।
सेना की कोशिश रहती है कि उसका कोई भी जवान घायल न हो। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले सेना एक विस्तृत और व्यापक योजना बनाती है, इसमें इमर्जेन्सी प्लान भी शामिल होता है। योजना का उद्देश्य दुश्मन के ठिकानों को ढेर करने के साथ-साथ सभी सैनिकों के सकुशल वापसी का होता है।
भारतीय सेना ने भी एलओसी में 2 किमी तक घुसकर जो हमला किया है उसमें इस बात का ध्यान रखा गया है कि आम नागरिकों और इलाके को नुकसान न हो और आतंकियों को खत्म किया जाए।