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...तो बंद हो जाएंगे खराब रिकॉर्ड वाले इंजीनियरिंग कॉलेज
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:03 AM IST
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एक भी प्रवेश न लेने वाले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद होंगे। विवि प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों बंद कराने का फैसला लिया है जिनका रिकार्ड अच्छा नहीं है। इसका प्रस्ताव जल्द ही कार्य परिषद की बैठक में लाया जाएगा।
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अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि जिन संस्थानों की गुणवत्ता ठीक नहीं है, रिजल्ट खराब है, प्रवेश नहीं हो रहे हैं, उन्हें बंद कराया जाएगा। इसके लिए विवि संबद्धता के नियमों में बदलाव करेगा।
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अब तक संबंधित कॉलेज अपनी तरफ से बंदी के लिए आवेदन करते थे, अब विवि को भी ऐसे कॉलेज बंद करने का अधिकार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन कॉलेजों को मैरिज हॉल बनाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।
ऐसे कॉलेजों पर फाइन लगाया जाएगा। बता दें कि प्रदेश के इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों के लिए आयोजित चार राउंड की काउंसलिंग के बाद 300 से अधिक कॉलेज ऐसे हैं जहां एक भी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया है।
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उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य क्वालिटी एजूकेशन का है। जल्द ही बायोमीट्रिक अटेंडेंस शुरू होगी, इसके मॉड्यूल का ट्रायल चल रहा है। हम कॉलेजों को जॉब देने वाला बनाएंगे। प्रो. पाठक ने कहा कि दो साल में डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर 80 फीसदी रोक लगी है। इसे और प्रभावी बनाया जाएगा।
देश के विवि में फॉलो होगा एकेटीयू का मॉडल
प्रो. पाठक ने बताया कि बृहस्पतिवार को मैंने वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों के सामने अपने विवि के सिस्टम का प्रजेंटेशन दिया जो उन्हें काफी पसंद आया। इस सिस्टम को देश के कई अन्य विवि फॉलो करना चाहते हैं।
अगले साल की प्रतिबद्धताएं
1. डिजिटल लॉकर व डिजिटल सर्टिफिकेट।
2. सभी संबद्ध सरकारी संस्थानों का डिजिटलीकरण।
3. सभी संबद्ध संस्थानों में फ्री वाईफाई इंटरनेट।
4. संबद्ध संस्थानों में प्रवेश का प्रतिशत बढ़ाना।
5. पाठ्यक्रमों का नियमित अंतराल पर अपग्रेडेशन।