अखिलेश ने अफसरों को दी चेतावनी, याद दिलाए 'बुरे दिन'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईएएस अफसरों को दो टूक चेतावनी दी कि सरकार की साख को नुकसान हुआ तो अफसर भी नपेंगे। आईएएस वीक के मौके पर मुख्यमंत्री के संबोधन में चुनाव की चिंता नजर आ रही थी तो लापरवाह अफसरों के लिए तल्खी भी।
उन्होंने अफसरों से कहा, हमने आपको काम करने के बेहतर मौके दिए और अब आपको इस तरह काम करना है ताकि सरकार की वापसी हो सके। मुख्यमंत्री ने अफसरों को पिछली सरकार में उनकी हालत के बारे में भी याद दिलाया और कहा कि एक वो समय भी था जब मुख्यमंत्री से मिलने जाते समय जूते उतारकर जाना पड़ता था।
पूरी आजादी से काम का मौका दिया। अफसरों को काम के लिए स्थायित्व दिया। पहले शायद ही कभी इतना वक्त जिलों में मिलता रहा होगा।
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि उन्हें हर अफसर की कारगुजारी पता है। उनकी टीमें जनता से फीडबैक ले रही हैं। सीएम बोले, अफसरों पर कार्रवाई से आम लोग खुश होते हैं। बावजूद इसके मैंने अफसरों को पूरी आजादी दी, लेकिन अब यदि हमारा नुकसान हुआ तो किसी को बख्शेंगे नहीं।
उन्होंने कहा कि कई जिलों का सर्वे कराया है। आगरा व गोरखपुर में टीमें भेजी हैं। पता चल रहा है कि सरकार से कहां चूक हुई और आप कहां गड़बड़ी कर रहे हैं। ये कमियां दूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आप लोग अच्छा काम करोगे तो हम फिर लौट के आएंगे। फिर साथ-साथ बैठने का मौका मिलेगा। आईएएस वीक फिर मनेगा।
...कुछ छिपा नहीं है
अखिलेश ने कहा, मुझे पता है कि कुछ अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन कुछ अधिकारी अभी भी ठीक काम नहीं कर रहे हैं। सूचना तकनीक और मैसेज व वॉट्सएप के जमाने में आज किसी से कुछ छिपा नहीं है।
आपको नहीं, परीक्षा तो हमें देनी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव में आपको नहीं, हमें परीक्षा देनी है। अधिकारियों को हर चीज पता है। बहुत सी घटनाओं को आप रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि शौचालय न होने की वजह से महिलाओं को इधर-उधर जाना पड़ता है और वारदात हो जाती है। इस ओर ध्यान दिया जाए तो ऐसी तमाम घटनाएं रुक जाएं।
जनता की निजी समस्याएं सुलझाना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे से विकास को रफ्तार मिलेगी, जनता को फायदा मिलेगा। लेकिन यदि आम लोगों की सुनवाई नहीं हुई तो वोट का नुकसान होगा।
जमीन की पैमाइश, पानी की समस्या, तहसील में सुनवाई नहीं हुई तो बात नहीं बनेगी। जनता की स्थानीय समस्याएं भी सुलझनी चाहिए। यह काम आप लोगों को ही करना है।
अच्छा काम करने वालों की तारीफ की
मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने विजन के हिसाब से काम करने के लिए कई अफसरों की सराहना की। उन्होंने राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल के तेजी से आकार लेने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन की खुलकर तारीफ की तो प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल की तारीफ करने वे दोबारा मंच पर आए।
उन्होंने कहा कि बिजली में मैंने जैसे-जैसे कहा, इन्होंने जमीन पर वैसे-वैसे उतार दिया। गांव में बिजली पहुंचती है तो लोग खुश होते हैं। उन्होंने आजमगढ़ के जिलाधिकारी सुहास एल. वाई. व जौनपुर के डीएम भानुचंद्र गोस्वामी की तारीफ की।
बोले, इन अफसरों ने अच्छा काम किया है। जिलों में अतिक्रमण हटे हैं। चौराहों का सुंदरीकरण हुआ है। फुटपाथ बेहतर हुए हैं। सड़कों पर धूल नहीं उड़ती।
उन्होंने कहा कि कई अधिकारी अच्छा काम करते हैं। पैसे की भी जरूरत नहीं बताते। वहीं कुछ अफसरों को काम बताइए तो पैसे की बात लेकर आ जाते हैं। विभागों में लड़ाई कर काम रोक देते हैं। विभागों के विवाद जिलाधिकारी और मुख्य सचिव के स्तर पर ही सुलझ जाने चाहिए।
पुलिस को लेकर पब्लिक का परसेप्शन बदलेंगे
सूबे की खराब कानून-व्यवस्था के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में इसी पुलिस ने अच्छा काम किया है। डायल 100 को जुलाई के पहले शुरू कर पुलिस को लेकर पब्लिक का परसेप्शन बदलेंगे। इसकी बुराइयां दूर करेंगे। पुलिस बहुत कम समय में स्पॉट पर पहुंचेगी और सबकी एफआईआर दर्ज होगी।
अफसरों से सहज रिश्ते दिखाते नजर आए अखिलेश
मुख्यमंत्री को सुबह 10 बजे तिलक हॉल पहुंचना था, लेकिन वे 11.20 बजे पहुंचे। इस देरी को लेकर तमाम तरह की अटकलबाजी भी चली, मगर मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में अफसरों के प्रति बिल्कुल सहज भाव दिखाया।
उन्होंने अफसरों को एक घंटे से ज्यादा समय दिया। खबरनबीसों से मुखातिब हुए तो कुरेदने के बावजूद अफसरों के प्रति ज्यादा तल्खी नहीं दिखाई। काम न करने वाले कुछ अफसरों का जिक्र जरूर किया, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया।