अखिलेश का सपना, समाजवादी विचारधारा का बने प्रधानमंत्री
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए देश में समाजवादी विचारधारा का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को षड्यंत्रों से सावधान किया। कहा कि विकास कार्यों व सरकार के फैसलों से साजिशों का जवाब दें।
अखिलेश रविवार को सपा मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की 90वीं जयंती पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने संसद में चन्द्रशेखर द्वारा अंग्रेजी में दिए गए भाषणों पर आधारित पुस्तक ‘स्पीचेज इन पार्लियामेंट बाई चन्द्रशेखर द ग्रेट’ का विमोचन किया।
सीएम ने कहा, ‘चन्द्रशेखर ने बलिया से संघर्ष शुरू किया और प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। वह भले ही कम समय तक पद पर रहे, लेकिन पहले समाजवादी प्रधानमंत्री थे।
उन्होंने संघर्ष का रास्ता अपनाया और अपने विचारों को जनता तक पहुंचाया। वह चाहते थे कि गांव, गरीब व किसानों के साथ अन्याय न हो, नौजवान आगे बढ़ें।
...तो समाजवादी आंदोलन किसी और देश में चला गया होता
अखिलेश बोले, आज हम जो समाजवादी आंदोलन देख रहे हैं, वह नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की देन है। नेताजी ने समाजवादी पार्टी न बनाई होती तो समाजवादी आंदोलन किसी और देश में चला गया होता।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे लोकसभा में चन्द्रशेखर के साथ रहने का मौका मिला है, उनके भाषण सुने हैं। वह सदन में गरीबों का दुख बताते थे। समाजवादी परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम करते थे।
हमें संकल्प लेना चाहिए कि डॉ. लोहिया व जयप्रकाश नारायण ने जो रास्ता दिखाया, जिस पर चलकर चन्द्रशेखर और नेताजी ने संघर्ष किया, उसे हम सब मिलकर आगे बढ़ाएं। आने वाले समय में दिल्ली में समाजवादी विचारधारा का प्रधानमंत्री बने।
समाजवादी रास्ता ही तरक्की और विकास का रास्ता है। इसी से अन्याय और भेदभाव खत्म हो सकता है। यूपी में हमें काम करने का मौका मिला। हमने साबित किया कि समाजवादी सिद्धांतों को बदली परिस्थितियों में कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।’
'40-50 साल तक समाजवादी आंदोलने को बढ़ाना है'
अखिलेश ने कहा कि युवाओं को समाजवादी नेताओं के बारे में पढ़ना चाहिए। उनके संघर्ष के बारे में जानकर हिम्मत व साहस बढ़ता है। जीवन में सफलता का कोई शार्ट कट नहीं है। बिना पढ़े-लिखे समाजवाद को आगे नहीं ले जाया जा सकता।
चन्द्रशेखर ने देश, दुनिया और समाज के बारे में पढ़ा। हिम्मत करके इतनी बड़ी पदयात्रा निकाली। जगह-जगह अलग-अलग भाषा के गरीब, किसानों से मिले। यदि आप उनकी परेशानी को नहीं समझेंगे तो ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाएंगे।
कहा, ‘समाजवादियों ने जो रास्ता दिखाया है, हम नौजवानों को 40-50 साल तक उस आंदोलन को आगे बढ़ाना है।’
फिर लौटकर आएं, यह सोचकर काम करें
मुख्यमंत्री ने युवा कार्यकर्ताओं से कहा, ‘हम 2017 में फिर सत्ता में लौटकर आएं, यह सोचकर काम करना पड़ेगा। आप सरकार में हैं, इसलिए आपके खिलाफ साजिशें होंगी। सपा सरकार ने फैसलों और विकास कार्यों से आंख खोलने वाला काम किया है। विकास से ही विरोधियों को जवाब दें।’