अखिलेश के मंत्रियों में किसकी होगी कितनी ताकत, ऐसे पता चलेगा
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मंत्रिपरिषद में फेरबदल तो हो गया। कई को पदोन्नति मिल गई तो कुछ नए मंत्री बन गए। कुछ से विभाग छिन गया है लेकिन मंत्री के रूप में वे भी विभाग मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जिनसे विभाग लिया गया है, उनमें कई के पास शिक्षा, चिकित्सा और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे हैं। जिन्हें पदोन्नति दी गई है, उनमें भी कुछ के पास महत्वपूर्ण विभाग थे। स्वाभाविक रूप से इनकी भावी कद-काठी की तस्वीर विभाग बंटने के बाद ही साफ होगी।
जिन्हें पदोन्नति दी गई है उन्हें मिलने वाले विभागों से ही तरक्की या मंत्री पद के रूप में मिले पुरस्कार का असली कारण पता चलेगा। साथ ही इसका भी संकेत मिलेगा कि सपा नेतृत्व ने आखिर किस मकसद से इन्हें तवज्जो दी।
इसी के साथ जिन मंत्रियों से विभाग लिए गए हैं, उनके बारे में नए बंटवारे से ही सही तस्वीर साफ होगी कि नेतृत्व ने आखिर क्यों उनसे विभाग छीने हैं।
यह भी सच उजागर होगा कि इतने बड़े स्तर पर फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने के पीछे सपा नेतृत्व का मकसद सरकार के कामकाज को दुरुस्त करना है या सिर्फ सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन दुरुस्त करने के साथ वोटों की गणित ठीक करना ही लक्ष्य रहा है।
मुलायम के करीबियों से लिए विभाग, कैसे बांटेंगे अपनों को
जिनसे विभाग लिए गए हैं, उनमें अहमद हसन, रामगोविंद चौधरी, अवधेश प्रसाद, दुर्गा प्रसाद यादव, रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया जैसे सपा के बड़े चेहरे भी शामिल हैं। इनके पास क्रमश: चिकित्सा, बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण, परिवहन, खाद्य-रसद जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे।
महबूब अली के पास भी माध्यमिक शिक्षा जैसा अति महत्वपूर्ण विभाग था। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के नजदीकी माने जाने वाले इन खास चेहरों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव किस स्तर के विभाग सौंपते हैं।
स्वाभाविक रूप से इन्हें मिलने वाले विभाग इनकी कद-काठी तय करने के साथ ही इनके कामकाज का सपा नेतृत्व द्वारा मूल्यांकन के नतीजे भी सामने लाने वाले होंगे। इसी तरह जिन्हें पदोन्नति दी गई है, उन्हें मिलने वाले विभाग सपा नेतृत्व की नजर में उनकी कद-काठी का भी संकेत देंगे।
इनके बारे में भी मिलेगा संदेश : कमाल अख्तर अभी तक पंचायती राज मंत्री और अरविंद सिंह गोप स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में ग्राम्य विकास की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह माध्यमिक शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री थे।
अब इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया गया तो इन्हें मिलने वाले विभागों से ही पता चलेगा कि पदोन्नति के पीछे सपा नेतृत्व का भरोसा व इनकी परफॉरमेंस की वजह से रहा है या जातीय गुणा-भाग ही मुख्य कारण है।