अखिलेश बोले फिर से चुनाव करा लें मोदी, हम तैयार हैं
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को प्रदेश में चुनाव कराने की चुनौती पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है।
वहीं, लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने दो कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव करा लें, हम प्रदेश में चुनाव करा लेंगे, पता लग जाएगा कौन कितने पानी में है।
दरअसल, सपा और भाजपा चाहते हैं कि 2017 का चुनावी अखाड़ा उन्हीं के बीच सजे। इसके लिए दोनों दल एक दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ते।
सपा का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ तो निशाने पर मोदी और भाजपा रहे। अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अमित शाह आए तो तीर का निशाना सपा, खासतौर से नेताजी की तरफ मोड़ दिया।
अमित शाह ने शुक्रवार को उपचुनावों में सपा की जीत के बाद 2017 में सपा की वापसी के दावे पर कहा था कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को इतना ही भरोसा है तो प्रदेश में कल चुनाव क्यों नहीं करा लेते ? नतीजा सामने आ जाएगा।
जवाब देने में नहीं की देरी
नेताजी को प्रदेश में चुनाव कराने की चुनौती मिली तो सपा ने भी शाह को जवाब देने में देरी नहीं लगाई।
शनिवार को कानपुर देहात में एक कार्यक्रम में शिरकत करने गए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा चुनाव के लिए हमेशा तैयार रहती है।
उन्होने जनता का आभार जताया कि उसने लोकसभा चुनाव के तीन-चार महीने बाद ही भाजपा को उसकी हैसियत बता दी।
वहीं शिवपाल सिंह और आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा, अमित शाह, मोदी से कह दें कि वे लोकसभा चुनाव करा लें, हम विधानसभा चुनाव करा लेंगे। पता लग जाएगा कि कौन कहां खड़ा है।
वहीं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि भाजपा और आएसएस मिलकर देश का संविधान बदलना चाहते हैं। इससे देश में संविधान का नहीं आरएसएस का राज चलेगा।
इसके खिलाफ उनकी ही नहीं, बल्कि हम सभी की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सभी लोग कांग्रेस को उसकी हैसियत बताएं।
आजम शनिवार की शाम नगर के न्यू ऐज पब्लिक स्कूल में पंजाबी सिख सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वोट छोटी चीज है। सभी को अधिकार मिलना चाहिए।
निशाना तो कहीं और है
सपा और भाजपा के बीच तल्खी तो संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के पहले ही शुरू हो गई है। लव जेहाद के जिस मुद्दे को लेकर सपा लगातार भाजपा पर हमला कर रही थी, उसे संघ ने दस साल पुराना मुद्दा बता दिया।
जब संघ ने कहा कि देश में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है, देश में कोई अल्पसंख्यक नहीं है, तो सपा ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी संघ के एजेंडे पर शुरू से ही अंगुली उठा रहे हैं।
सपा जानती है कि वह भाजपा और उसके मातृ संगठन आरएसएस पर जितना हमला बोलेगी, मुसलमानों के बीच उसकी पैठ उतनी ही मजबूत होगी।
यही वजह है कि सपा प्रवक्ता संघ को कोसने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चौधरी कहते हैं संघ मंदिर मुद्दे पर भाजपा सरकार को पांच साल का वक्त देने को राजी है।
यानी केंद्र की भाजपा सरकार के लिए संघ कोई समस्या नहीं खड़ी करेगा लेकिन प्रदेश में माहौल बिगाड़ने का कोई मौका वह छोड़ने को तैयार नहीं है।