अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' पर बोले सीएम अखिलेश, ये साबित होंगे ग्रोथ हाईवे
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के ग्रोथ हाईवे साबित होंगे। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से यूपी ही नहीं बल्कि देश भी लाभान्वित होगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये बातें यहां अपनी सरकारी आवास पर कही। वे इस परियोजना के लिए जमीन खरीद में उल्लेखनीय कार्य करने वाले तत्कालीन जिलाधिकारियों व अन्य अफसरों के सम्मानित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, सत्ता में समाजवादी सरकार फिर लौटेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, निजी निवेशकों को इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि राज्य सरकार ऐसी परियोजना तय समय से पहले भी पूरी करा सकती है।
उन्होंने कहा कि नेताजी ने एक्सप्रेस वे के समय ही उद्घाटन की तारीख तय करवा ली थी, जिसकी वजह से सरकार इसे 22 महीने में पूरा कर पा रही है। वहीं, उन्होंने जमीन प्राप्त करने की व्यवस्था को केंद्र सरकार सहित अन्य राज्य सरकारों के लिए उदाहरण बताया। कहा, बड़ी संख्या में निवेशक प्रदेश में आ रहे हैं।
'पीपीपी मॉडल से काम नहीं बना तो ईपीसी मॉडल अपनाया'
सीएम अखिलेश ने यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल की सूझ-बूझ व कर्मठता की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया। कहा, जब पीपीपी मॉडल पर कार्य संभव नहीं हो पाया तब ईपीसी मॉडल पर एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय लिया गया।
इसमें तत्कालीन प्रमुख सचिव वित्त एवं वर्तमान में पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष आनंद मिश्रा का महत्वपूर्ण सहयोग था। इसके अलावा उन्होंने आगरा में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्य सचिव दीपक सिंघल की भी सराहना की।
इससे पूर्व यूपीडा के सीईओ नवनीत सहगल ने एक्सप्रेस-वे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 30 हजार काश्तकारों से मात्र 180 दिनों में करीब 30 हजार रजिस्ट्री कराई गई।
कहा, अक्तूबर 2016 से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलने लगेंगे। सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री की पत्नी और सांसद डिम्पल यादव, जेओसी मध्य कमान के मेजर जनरल विनोद शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
समाजवादी एक्सप्रेस वे पूर्वांचल की बदलेगा तस्वीर
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए भी जरूरत के हिसाब से करीब पांच हजार हेक्टेयर भूमि की व्यवस्था आसानी से हो जाएगी। कहा, पूर्वांचल आर्थिक रूप से पिछड़ा है। इस एक्सप्रेस वे वहां की तस्वीर बदल जाएगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए तीन माह में जमीन की व्यवस्था : सिंघल
मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाने में जिस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसे राज्य की अन्य परियोजनाओं में अपनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए तीन महीने में जमीन की व्यवस्था कर ली जाएगी।
यूपी ने दिखाया भूमि व्यवस्था का अद्वितीय मॉडल : रंजन
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे परियोजना की भूमि व्यवस्था के लिए अपनाए गए मॉडल अद्वितीय बताया। कहा, इस परियोजना को पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री ने लगातार व्यक्तिगत रुचि ली है।
आने वाले वर्षों में दिखेगा परियोजना का लाभ : उस्मानी
मुख्य सूचना जावेद उस्मानी ने एक्सप्रेस वे के लिए भूमि की व्यवस्था करने में जिलाधिकारियों के प्रयास की सराहना की। कहा, आने वाले वर्षों में परियोजना का लाभ दिखाई देगा।
ये तत्कालीन जिलाधिकारी हुए सम्मानित
आगरा के जिलाधिकारी पंकज कुमार, फीरोजाबाद के विजय किरन आनंद, मैनपुरी के एसपी मिश्र व चंद्रपाल सिंह, इटावा के नितिन बंसल, औरैया की माला श्रीवास्तव, कन्नौज के राजेश कुमार व अनुज कुमार झा, कानपुर नगर की डॉ. रोशन जैकब, उन्नाव की सौम्या अग्रवाल, हरदोई के रमेश मिश्र और लखनऊ के डॉ. राजशेखर।
इन अधिकारियों का भी हुआ सम्मान
यूपीडा के तत्कालीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशुतोष निरंजन, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी राम सिंघासन प्रेम, महेश प्रसाद, आशुतोष कुमार दुबे, राजित राम गुप्ता, आनंद मोहन उपाध्याय, आशुतोष कुमार, रश्मि सिंह व प्रवीण कुमार को सम्मानित किया।
इनके अलावा आगरा के तत्कालीन एडीएम (भूमि अध्याप्ति) देवेंद्र कुमार कुशवाहा, आगरा के नागेंद्र शर्मा, कानपुर के ओम कुमार सिंह, लखनऊ के कृष्ण कुमार गुप्ता, शिव प्रसाद आनंद, फीरोजाबाद के तत्कालीन एडीएम कर्मेंद्र सिंह, मैनपुरी के डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी, इटावा के ज्ञानेंद्र सिंह, औरैया के इंद्र्रपाल उत्तम, कन्नौज के रमेश चंद्र यादव, उन्नाव के शिवेंद्र कुमार सिंह और हरदोई के विजय कुमार गुप्ता भी सम्मानित किए गए।