सीएम ने सपाइयों के हाथ खोले, कहा कड़ा जवाब दो
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार व पार्टी के खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार का क़ड़ा जवाब देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के लोगों को अब दुष्प्रचार के खिलाफ चुप नहीं बैठना चाहिए।
इससे लोगों में सरकार के कामकाज को लेकर भ्रम फैलता है। वह शुक्रवार को यहां पार्टी के जिला व महानगर अध्यक्षों व महामंत्रियों से बातचीत कर रहे थे।
चुनाव के मद्देनजर लिया फीडबैक: मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने आज प्रदेश के पश्चिमी जिलों से आए जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों से संबंधित जिले में विधानसभा की विभिन्न सीटों से चुनाव लड़ने वाले दावेदारों के बारे में फीडबैक लिया।
बृहस्पतिवार की ही तरह उन्होंने पूछा कि मौजूदा विधायकों, मंत्रियों को यदि चुनाव में उतारा जाए तो क्या स्थिति होगी। उनके अलावा क्षेत्रों में और कौन से दावेदार हैं? उनके जिले की विधानसभा सीटों से कौन से प्रत्याशी ज्यादा बेहतर चुनाव लड़ सकते हैं। उन सीटों के बारे में भी जानकारी ली गई जहां से सपा के विधायक नहीं हैं।
कई नहीं बता पाए पांच उपलब्धियां
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने अध्यक्षों व महामंत्रियों से अलग-अलग बातचीत की। बताया जाता है कि उन्होंने कई अध्यक्षों से प्रदेश सरकार की पांच उपलब्धियां पूछीं। पर, ज्यादातर तीन या चार उपलब्धियां ही बता पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की जानकारी लें और उन्हें लोगों तक पहुंचाएं। विधानसभा के 2017 में होने वाले चुनाव के मद्देनजर यह बहुत जरूरी है।
कानून-व्यवस्था पर दें कड़ाई से जवाब: मुख्यमंत्री ने जिलाध्यक्षों से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आरोप लगाने वालों को कड़ाई से जवाब देने की जरूरत बताई। कहा कि लोगों को बताएं कि कानून-व्यवस्था अगर ठीक नहीं है तो विकास कैसे हो रहा है।
बताई जाएं केंद्र सरकार की खामियां: मुख्यमंत्री ने जिलाध्यक्षों व महामंत्रियों से केंद्र सरकार की खामियों का भी प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। कहा कि बताया जाए कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास में कोई मदद नहीं की है।
ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात की मार झेल रहे किसानों को प्रदेश सरकार अपने ही कोष से मदद कर रही है। केंद्र सरकार ने एक रुपया भी नहीं दिया।