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मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नए-नए शब्दों की खोज कर रही भाजपा: अखिलेश यादव

Sat, 27 Oct 2018 07:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 27 Oct 2018 07:26 PM IST
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akhilesh yadav says bjp is master in searching new words
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि शब्दकोष से नए-नए शब्दों की खोज में भाजपा नेताओं का कोई जवाब नहीं। सदियों से लोग ‘कुंभ‘ और ‘अर्धकुंभ’ से परिचित थे। भाजपा सरकारों ने इस वर्ष इलाहाबाद में पड़ने वाले अर्धकुंभ को कुंभ प्रचारित कर दिया।

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किसान अभी तक गोष्ठियों, सेमिनारों और सम्मेलनों में भागीदारी करते थे। भाजपा सरकार ने इस वर्ष ‘कृषि कुंभ‘ ईजाद कर दिया। अभी पता नहीं भाजपा और कितने कुंभ बनाएगी।
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अखिलेश ने शनिवार को एक बयान में कहा कि भाजपा को सारे संसाधन चूंकि पूंजीघरानों से ही मिलते हैं इसलिए उनके हितों का पोषण-संरक्षण उसकी प्राथमिकता में रहता है। किसान अपनी कर्जमाफी के लिए आज भी आंदोलित है, बैंक उनसे वसूली करने लगे हैं।
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फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी किसानों को नहीं मिल रहा है। इस सबसे परेशान 50 हजार से ज्यादा किसान भाजपा राज में आत्महत्या कर चुके हैं। आलू किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का अता-पता नहीं।

गन्ना किसानों का दस हजार करोड़ रुपया गन्ना मूल्य अभी भी बकाया है जबकि चीनी मिलों का पेराई सत्र प्रारम्भ होने वाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की उल्टी-सीधी हरकतों के कारण ही प्रदेश शीर्ष आसन में ट्रोल कर गया है।

राज्य की भाजपा सरकार ने 20 माह से कम समय में उत्तर प्रदेश को विकास में 20 वर्ष पीछे ढकेल दिया है। प्रदेश को बर्बादी के कगार पर पहुंचाने का श्रेय भाजपा को ही जाएगा।

किसान विरोधी नीति से ध्यान भटकाने को कृषि कुभ

सपा अध्यक्ष ने कहा, सच तो यह है कि 'कृषि कुंभ' तो एक बहाना है। भाजपा को किसान विरोधी नीति से ध्यान भटकाना है। इस कुंभ में जो किसान आए वे अपनी बात कहने के लिए तरसते रह गए। उनकी बातें न सुनी जानी थी न ही सुनी गई। किसानों का वोट हथियाने के लिए संकल्प पत्र में जो वादे किए गए थे उनके बारे में भी तो इस कुंभ में बताना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार ने जब कुछ किया ही नही तो वह किसानों को बताती क्या?

सपा की योजनाओं का श्रेय ले रहे

अखिलेश ने कहा, प्रधानमंत्री ने सोलर पैनल की बात ऐसे की जैसे वह उसकी कोई अपनी योजना हो। हकीकत यह है कि वह समाजवादी सरकार की योजनाओं का ही भाजपाई झूठा श्रेय ले रहे हैं। समाजवादी सरकार में सोलर प्लांट लगा था और लोहिया आवास में सोलर लाईट लगाई जा रही थी। सबसे पहले समाजवादी सरकार में ही मुफ्त सोलर पैनल और पम्प दिए गए थे।

14 दिन में भुगतान के वादे का क्या हुआ ?

अखिलेश ने कहा, भाजपा अब तक नहीं बता पाई है कि उसने कितने किसानों का कर्ज माफ किया। डीजल-पेट्रोल, खाद-बीज की मंहगाई क्यों नहीं रुक रही। उन्होंने पूछा, गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान के वादे का क्या हुआ? मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गन्ने की खेती ही बंद हो क्योंकि उससे डायबिटीज रोग होता है। वैसे भी मुख्यमंत्री के फॉर्मूले अजीबो-गरीब होते हैं। जैसे बंदर उत्पात करें तो हनुमान चालीसा पढ़ा जाए।

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