सपा-कांग्रेस गठबंधन पर नहीं बनी बात, अलग-अलग लड़ेंगे चुनाव
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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सप्ताह भर से चल रहीं कोशिशें परवान नहीं चढ़ सकीं। गठबंधन को लेकर बात नहीं बनने पर सपा व कांग्रेस अब अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने शनिवार को पहले और दूसरे चरण की 140 सीटों के प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए।
सपा 208 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चुकी है। बाकी नाम भी जल्द घोषित हो जाएंगे। कांग्रेस की सूची का एलान रविवार को होने की संभावना है। सपा के प्रत्याशियों की घोषणा कभी भी हो सकती है।
सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातचीत पर ग्रहण तो शुक्रवार सवेरे ही लग गया था, लेकिन शाम को कांग्रेस हाईकमान के दूतों के जरिये वार्ता के तार फिर जुड़े। सपा ने कांग्रेस को 85 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। सपा ने उसे सीटों की सूची भी भेज दी थी। कांग्रेस 120-125 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी।
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा कि गठबंधन करीब-करीब टूट ही गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उन्हें 100 सीट दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस 120 सीट के नीचे मान नहीं रही थी।उन्होंने कहा कि 300 से कम सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकती। क्योंकि 250 से ज्यादा हमारे मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अड़ियल रवैये के कारण गठबंधन नहीं पाया।
Kareeb kareeb tuth hi gaya hai gathbandhan, UP CM 100 seats de rahe the lekin Cong 120 seat ke niche maan nahi rha tha: Naresh Agrawal, SP pic.twitter.com/BK5ksl4P7j
— ANI UP (@ANINewsUP) January 21, 2017
We told them that we can't contest in less than 300 seats bt Cong ws adamant as if they are a very influential party in UP-Naresh Agrawal,SP
— ANI UP (@ANINewsUP) January 21, 2017
हालांकि, कांग्रेस अभी गठबंधन टूटने की बात से इंकार कर रही है। यूपी कांग्रेस के चुनाव प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कल सुबह तक गठबंधन का पता चल जाएगा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा है कि बातचीत में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं है।
Baat cheet mein kisi bhi tarah ki koi rukawat nahi hai: Raj Babbar, Congress state President when asked on SP-Cong alliance #UPpolls pic.twitter.com/iRnSxu5m9H
— ANI UP (@ANINewsUP) January 21, 2017
(Alliance) ka kal subah tak pata chal jayega: GN Azad, Congress when asked on SP-Cong alliance #UPpolls pic.twitter.com/zAF82nZBhU
— ANI UP (@ANINewsUP) January 21, 2017
सपा के रुख पर जताई गई नाराजगी
एक शर्त अमेठी और रायबरेली की अधिकतर सीटों पर चुनाव लड़ने की भी थी। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मैराथन बैठक में सपा से गठबंधन के मुद्दे पर चर्चा हुई। दिन भर अटकलें लगती रहीं, लेकिन कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोला। कांग्रेस की बैठक में सपा के रुख पर मायूसी व नाराजगी जताई गई।
इसके बाद कांग्रेस ने अकेले ही चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। शाम को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पहले और दूसरे चरण के उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया। इन दोनों चरणों में 140 सीटों पर चुनाव होना है।
अखिलेश यादव सूची तैयार करते रहे
गठबंधन बनने-बिगड़ने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार पूरे दिन चुनावी तैयारियों में जुटे रहे। सपा प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने में लगे रहे। अधिकतर प्रत्याशी तय हो चुके हैं, लेकिन इसका एलान नहीं किया गया।
सपा सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। गठबंधन को लेकर कांग्रेस का रुख सकारात्मक रहे या नकारात्मक, इसकी जानकारी मिलते ही प्रत्याशी घोषित हो जाएंगे।
आजाद ने कहा- हम पूरी ताकत से लड़ेंगे
वहीं, कांग्रेस महासचिव व प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद का कहना है, ‘हमने पहले और दूसरे चरण के प्रत्याशी फाइनल कर दिए हैं। इन सीटों पर हम अकेले और पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। प्रत्याशियों की सूची रविवार सवेरे आ जाएगी। बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं।’
अखिलेश आज जारी करेंगे घोषणापत्र
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव रविवार को पार्टी मुख्यालय में 2017 के चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी करेंगे। इस मौके पर सपा के मार्गदर्शक मुलायम सिंह के मौजूद रहने की संभावना है। घोषणापत्र में छात्र, युवा, महिलाओं, किसानों व इन्फ्रास्ट्रक्चर डलपलपमेंट पर खास फोकस रहेगा।
अंबिका ने कहा, अखिलेश मुस्लिम विरोधी, नेताजी का अपमान किया
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता अंबिका चौधरी शनिवार को बसपा में शामिल हो गए। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। कहा, अखिलेश अपने नेता व पिता (मुलायम सिंह) को जिस तरह खारिज किया है, प्रदेश भर में इसकी बड़ी निंदा और आलोचना हो रही है। मैं भी इससे बहुत दुखी हूं।
बसपा में शामिल होने के पहले तक मैं मुलायम सिंह के सबसे करीबी लोगों में था। अब बसपा में रहकर जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाऊंगा। कहा, मुलायम सिंह कह चुके हैं कि अखिलेश मुस्लिम विरोधी हैं।