अखिलेश ने किसानों को लेकर केंद्र पर उठाए सवाल
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित परिवारों को सहायता देने के लिए प्रदेश की ओर से केंद्र से मांगी गई रकम का बड़ा हिस्सा काट दिए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बाकी 4741.55 करोड़ रुपये तत्काल मंजूर कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया है कि केंद्र ने सूबे की मांग 7543.14 करोड़ में से मात्र 2801 करोड़ रुपये 11 अगस्त को दिए जो प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए नाकाफी है।
ऐसे में केंद्र से पैसा मिलने से पहले ही प्रदेश सरकार ने राज्य आपदा मोचक निधि से 479 करोड़ और राज्य सरकार के निजी स्रोतों से 2,968 करोड़ रुपये (कुल 3,447 करोड़) किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जारी कर दिए थे।
यह रकम प्रदेश के करीब 86 लाख किसानों को बांटी जा चुकी है। बाकी किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कटौती की गई 4741.55 करोड़ रुपये तत्काल जारी किया जाना चाहिए।
केंद्र ने कटौती का ये बताया था आधार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 11 अगस्त को राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से 2801.59 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। इसके स्वीकृति पत्र में कहा था कि प्रदेश सरकार के मेमोरेंडम में राज्य आपदा मोचक निधि की परिधि से बाहर के मदों को भी शामिल किया गया है, जिसके सापेक्ष पैसा जारी करना संभव नहीं है।
यह दिया सीएम ने जवाब
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया है कि प्रदेश ने ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से हुई व्यापक क्षति का आकलन राज्य आपदा मोचक निधि के नवीनतम मानकों के अनुसार ही किया था। इसमें कृषि फसलों की क्षति, जनहानि, पशुहानि व गृह अनुदान को शामिल किया गया।
ये मानक राष्ट्रीय व राज्य आपदा मोचक निधि में आते हैं। ओलावृष्टि मेमोरेंडम में प्रदेश सरकार द्वारा मांगी गई 7543.14 करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 2801.59 करोड़ रुपये की मंजूरी में केंद्र ने क्या मानक अपनाए, पत्र में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
ऐसे में केंद्र का निर्णय राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि के दिशा-निर्देशों के आलोक में तर्कसंगत नहीं है।