क्या वाकई मोदी से डर गए मुख्यमंत्री अखिलेश?
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की मदद से चलने वाली ‘102’ नेशनल एंबुलेंस सेवा के तहत 300 नई एंबुलेंस को बुधवार को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया।
केंद्र की संप्रग सरकार के जमाने में एनआरएचएम के तहत शुरू की गई एंबुलेंस सेवा के साथ समाजवादी नाम जोड़े जाने पर विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया था।
केंद्र ने एक समय एंबुलेंस का बजट तक रोक दिया था। शायद उस विवाद का ही असर रहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र की मदद से चलने वाली 102 एंबुलेंस सेवा के साथ समाजवादी नाम जोड़ने से परहेज किया है।
हालांकि वह इन एंबुलेंस को समाजवादी रंग देने से खुद को न बचा पाई। प्रदेश सरकार ने 102 एंबुलेंस की जो डिजाइन कराई है, वह पूरी तरह से समाजवादी लुक पेश करती है।
दोहराया अपना वादा
पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तेजी से एंबुलेंस सेवा का विस्तार हो रहा है, प्रदेश में जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों तक गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को इमरजेंसी सुविधाओं सहित बेहतर व मुफ्त सेवा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य सूचकांक में तेजी से सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुफ्त दवा, जांच व एंबुलेंस सेवा का हवाला देते हुए कहा कि इस विभाग ने बड़ी तादाद में युवाओं को नौकरी भी दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य महकमे ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में भरोसा पैदा किया है। लोगों में विश्वास जगा है कि फोन करने पर एंबुलेंस जरूर पहुंचेगी।
अस्पतालों की हालत सुधारेंगे
मुख्यमंत्री ने सरकारी जिला चिकित्सालयों की बदहाली का जिक्र करते कहा कि ये अस्पताल पुराने हैं जहां बैठने के लिए मुकम्मल जगह तक नहीं है।
सरकार इस समस्या के समाधान की दिशा में जल्द ही काम शुरू करेगी। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल व शंखलाल मांझी ने भी संबोधित किया।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति के बारे में बताया।
102 स्वास्थ्य सेवा की विशेषताएं
-102 सेंट्रलाइज्ड कॉल सेंटर पर फोन करने पर एंबुलेंस भेजी जाएगी। 20 सेकंड में उठ जाएगा फोन।
-कॉल करने के 20 मिनट में गांव व 30 मिनट में शहरी क्षेत्र में पहुंचेगी एंबुलेंस।
-एयरकंडीशंड एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार व इमरजेंसी प्रसव की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
-आशा बहू व मेडिकल अटेंडेंट रहेंगी साथ।
-गर्भवती महिलाओं व एक साल तक के शिशु को घर से अस्पताल, फिर घर व रेफर किए जाने पर बड़े अस्तपाल पहुंचाएगी।
-जीपीआरएस व जीआईएस से लैस इन एंबुलेंस की लोकेशन पर हर पल रहेगी नजर।
-हर जिले व हर ब्लॉक तक पहुंचेगी एंबुलेंस।
सितंबर तक और शुरू होंगी 872 एंबुलेंस
102 एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत कुल 1972 एंबुलेंस चलाने की योजना है। पहले चरण में 800 एंबुलेंस जिलों में भेजी गई थीं।
दूसरे चरण में बुधवार को 300 नई एंबुलेंस शामिल की गईं। बाकी 872 एंबुलेंस सितंबर तक शुरू करने की योजना है।
इसमें 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा को शामिल करने के साथ ही प्रदेश के पास एंबुलेंस का सबसे बड़ा बेड़ा उपलब्ध हो जाएगा।