यह यूपी के सीएम की उपेक्षा है या अपमान?
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केंद्र व प्रदेश सरकार के बीच रिश्ते सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जब-तब दोनों के बीच तनातनी और रिश्तों में तल्खी सामने आ जाती है। अब यह कटुता सरकारी समारोहों तक पहुंच गई है। लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस के शनिवार को यहां होने वाले शुभारंभ समारोह के कार्ड पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव या उनके किसी प्रतिनिधि मंत्री का नाम न होना इसका प्रमाण है।
कहा जा रहा है कि ऐसा करके केंद्र सरकार ने लखनऊ मेट्रो परियोजना के शिलान्यास समारोह में प्रदेश सरकार की ओर से भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का जवाब दिया है। उस समारोह के कार्ड में स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह व भाजपा विधायक का नाम नहीं था। महापौर डॉ. दिनेश शर्मा का नाम भी गायब था। भाजपा ने इसकी आलोचना भी की थी, पर प्रदेश सरकार चुप्पी साधे रही।
केंद्र में मोदी सरकार बनने के साथ ही राज्य सरकार की तनातनी जारी है। अभी हाल ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से जिला सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार के लिए पूरा धन न मिलने की शिकायत की थी।
सड़कों के निर्माण, मनरेगा, सूखा राहत और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए जरूरी रकम न मिलने के लिए भी केंद्र पर निशाना साधा जा चुका है। मेट्रो परियोजना के लिए केंद्र से जरूरी धन न मिलने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री खुद मोदी सरकार पर यूपी को विकास के रास्ते पर पीछे धकेलने का आरोप लगा चुके हैं।
पर हैं सांसदों के नाम
अब रेलवे के समारोह के कार्ड पर मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि का नाम नहीं लिखा जाना उसी का जवाब माना जा रहा है। दिलचस्प यह है कि कार्ड पर बसपा प्रमुख व राज्यसभा सदस्य मायावती व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्र के नाम हैं।
सपा से राज्यसभा सदस्य नरेशचंद्र अग्रवाल, अरविंद कुमार सिंह व किरनमय नंदा के नाम भी कार्ड पर हैं। अब शनिवार को ही पता चलेगा कि सपा सांसद कार्यक्रम में शामिल होते हैं या नहीं, लेकिन रिश्तों की यह तल्खी चर्चा में है।
रेल मंत्रालय के नियमानुसार, रेलवे की ओर से आयोजित समारोह में उस राज्य के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि को आमंत्रित किया जाना चाहिए। इसके अलावा स्थानीय सांसद, विधायकों, राज्यसभा के उन सदस्यों जिन्होंने इसे नोडल जिला चुना हो, उन्हें आमंत्रित किया जाना चाहिए। हालांकि कार्ड छपवाने में इसका ध्यान नहीं रखा गया। समझा जा सकता है कि यह सिर्फ अधिकारियों का फैसला नहीं हो सकता। चारबाग स्टेशन कैंट विधानसभा क्षेत्र में आता है। कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी विधायक यहां से हैं, पर इनका नाम भी कार्ड से गायब है।