घर पहुंचे आईआईटी टॉपर्स को अखिलेश ने दी कौनसी सीख?
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा चयनित होने वाले गरीब परिवारों के तीन छात्रों को को अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया।
अखिलेश यादव ने इन तीनों होनहार बच्चों को एक-एक लाख रुपये का चेक व लैपटाप दिया। इन तीन छात्रों में प्रतापगढ़ जिले के दो सगे भाई हैं।
बेहद गरीब परिवारों के इन छात्रों ने तकनीकी शिक्षा देने वाले देश के प्रीमियर संस्थान आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में अच्छी रैंक लाकर यह साबित कर दिया है कि सफलता साधन की मोहताज नहीं होती है।
मुख्यमंत्री ने इन छात्रों के गांव प्रतापगढ़ के रेहुआ लालगंज व मैनपुरी के गुलरियापुर को लोहियाग्राम घोषित कर दिया है। दोनों ही परिवारों को लोहिया आवास भी दिए जाएंगे।
'सफल हो जाओ तो गरीबों की मदद जरूर करना'
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन छात्रों को सीख देते हुए कहा कि आप भी जब सफल हो जाएं तो गरीबों की मदद जरूर करिएगा। इससे पहले भी जमीन से ऊंचाइयों तक पहुंचने के कई सारे उदाहरण हैं।
जिस मेहनत व लगन से आईआईटी की परीक्षा में अच्छी रैंक पाई है वह काबिले तारीफ है। आपने अपने परिवार का भी नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि आप जिस भी लाइन में अपना कॅरियर बनाएं गरीबों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहिएगा। आगे पढ़ाई में जो भी जरूरत होगी उसे प्रदेश सरकार पूरा करेगी।
इस मौके पर मौजूद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह छात्र प्रतापगढ़ के जिस गांव के हैं वह मेरे ही क्षेत्र में आता है। यहां से वह नौ बार विधायक रह चुके हैं। अब उनकी बेटी विधायक हैं।
उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार 1980 में इस गांव में गए थे तो चार मटकों पर बांस बांधकर बनाई गई जुगाड़ की नांव से गए थे। मुख्यमंत्री ने जिस तरह से इन प्रतिभाशाली छात्रों को सीएम आवास पर बुलाकर सम्मानित किया है उसके लिए मैं उनका धन्यवाद देता हूं।