अखिलेश ने किसानों को दी 200 करोड़ की राहत
मार्च के महीने में दो बार हुई बारिश ने खेती खासकर गेहूं की फसल को चौपट कर दिया है। इस नुकसान का खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया है। उन्होंने किसानों को इस संकट से उबारने के लिए कुछ घोषणाएं की हैं।
अखिलेश यादव ने बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुई भारी क्षति से उत्पन्न्ा स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार किसानों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए गंभीर है।
उन्होंने मुख्य सचिव को किसानों को तत्काल सहायता राशि वितरित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि क्षति का आकलन सहायता राशि वितरण के साथ ही संपन्न किया जाए, जिससे किसानों को शीघ्र सहायता राशि मिल सके।
शासन के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य आकस्मिकता निधि से तत्काल 200 करोड़ रुपए अवमुक्त करने के निर्देश मुख्य सचिव को देते हुए कहा है कि मुख्यदेयों की वसूली तत्काल स्थगित की जाए और वसूली में किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से नुकसान के सापेक्ष दी जाने वाली दैवीय आपदा राहत राशि से दो गुना अधिक राशि राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किसानों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
मरने वाले किसान के परिवार को मिलेंगे 5 लाख
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को भी निर्देशित किया है कि जिन स्थानों पर फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं वहां किसानों को वैकल्पिक फसल प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर तत्काल जायद फसलों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज वितरित किए जाएं।
इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी किसान की बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के कारण असमायिक मृत्यु हुई है तो ऐसे किसान के परिवार को 5 लाख रुपए की धनराशि तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में दी जाए।
मुख्यमंत्री ने बेमौसम बरसात से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देशित किया है कि सबसे अधिक प्रभावित 25 जनपदों में सहायता राशि वितरित करने के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को नामित किया जाए और उन्हे निर्देशित किया जाए कि वे तत्काल मौके पर पहुंचकर अपने समक्ष राहत राशि का वितरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध् सख्त कार्यवाही करने की बात कही।