अखिलेश यादव के बंगले की फाइल पहुंची सीएम योगी के पास, जल्द होगा फैसला
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बंगले की जांच रिपोर्ट राज्य संपत्ति अधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है। इस बंगले में राज्य संपत्ति विभाग की अनुमति के बगैर 4.68 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य कराए गए।
बंगला खाली करते समय हुई तोड़फोड़ से 5.84 लाख रुपये की क्षति हुई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही इस प्रकरण में अगली कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
अखिलेश यादव को बतौर पूर्व मुख्यमंत्री 4, विक्रमादित्य मार्ग बंगला आवंटित हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंगला खाली कराया गया तो कई जगह तोड़फोड़ मिली। राज्य संपत्ति विभाग ने तोड़फोड़ की वीडियोग्राफी कराई।
बाद में इसकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। इस कमेटी ने तीन दिन पहले राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला को 266 पेज की जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
जांच कमेटी ने बंगले की सीडी भी साथ में अटैच की है। जांच टीम ने पाया है कि बंगले में बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराए गए। बंगला खाली करते समय तोड़फोड़ से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
आरएसए ने बताया कि इस रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ही राज्य संपत्ति विभाग के प्रमुख सचिव हैं। उन्हें रिपोर्ट भेजने का मतलब है मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ रिपोर्ट को भेजा गया है।
अवैध निर्माण, तोड़फोड़ पर घेराबंदी की तैयारी
सरकारी बंगले में बिना अनुमति निर्माण और तोड़फोड़ से लाखों की रुपये की क्षति के मामले में भाजपा सरकार अखिलेश यादव की घेराबंदी करेगी। बंगले में हुए निर्माण व इसकी भव्यता को समाजवादियों की शान-ओ-शौकत से जोड़कर प्रचारित किया जाएगा। सरकार के स्तर पर नोटिस देने की कार्यवाही हो सकती है लेकिन भाजपा इसे मुद्दा बनाएगी। पीएम नरेन्द्र मोदी पहले ही बंगले के मुद्दे को उठा चुके हैं। कुशीनगर और लखनऊ में उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि प्रदेश की जनता को आवास देने की चिंता क्यों करते वह तो अपने बंगले को सजाने-संवारने में लगे थे।