युवा भी जानें कि क्या मिला उन्हें इस बजट से?
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अखिलेश सरकार एक बार फिर अपने पुराने एजेंडे पर लौटती दिख रही है। 2015-16 के बजट में युवाओं को रिझाने के लिए मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान किया गया है। पहले मुफ्त लैपटॉप योजना इंटर पास सभी छात्रों के लिए शुरू की गई थी, जबकि इस बार ये केवल मेधावी छात्रों को ही मिलेंगे।
खास बात यह होगी कि इंटर के साथ हाईस्कूल पास मेधावी छात्रों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। बजट में मुफ्त लैपटॉप देने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी तरह कमजोर वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3800 करोड़ रुपये की बजट में व्यवस्था की गई है।
पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सपा ने अपने घोषणा पत्र में हाईस्कूल पास सभी छात्रों को मुफ्त टैबलेट व इंटर पास को लैपटॉप देने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद अखिलेश सरकार ने अपने पहले बजट (2012-13) में मुफ्त लैपटॉप के लिए 2418 करोड़ व टैबलेट के लिए 2382 करोड़ रुपये की व्यवस्था की।
हालांकि मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना दो साल बाद बंद हो गई और टैबलेट वितरण तो शुरू ही नहीं हो पाई। वर्ष 2017 में विधानसभा का चुनाव है। इसे देखते हुए सरकार ने एक बार फिर से युवाओं पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
सौ और मॉडल स्कूल
बच्चों को केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर अच्छी शिक्षा देने के लिए 100 मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। अधूरे पड़े उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में निर्माण कार्य पूरा करने पर 50 करोड़ व अवस्थापना सुविधा पर 60 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
सर्व शिक्षा अभियान में बतौर हिस्सेदारी 9.977 करोड़ तथा मिड-डे-मील के लिए 1.696 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों में 7,000 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष व 20,000 स्कूलों में चारदीवारी बनवाई जाएगी।
खुलेंगे इंजीनियरिंग कॉलेज
बजट में तकनीकी शिक्षा को भी तवज्जो दी गई है। इसके तहत देवीपाटन व बस्ती मंडल में एक-एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जाएंगे। इनके निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कौशल विकास मिशन योजना के तहत उन्नाव में स्किल डवलपमेंट एवं डिजाइन संस्थान तथा गोंडा के करनैलगंज व फैजाबाद के मिल्कीपुर में राजकीय पॉलीटेक्निक खोले जाएंगे।
20 नए सरकारी आईटीआई और 40 के विद्युतीकरण की व्यवस्था की गई है। अधूरे पड़े 13 राजकीय डिग्री कॉलेजों का निर्माण पूरा कराने के लिए 7 करोड़, राजकीय विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के लिए 78 करोड़ व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
और भी बहुत कुछ
इन योजनाओं के अलावा बजट में युवाओं खासकर पिछड़े वर्ग के छात्रों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं में धन का आवंटन किया गया है।
*अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति देने पर 2100 करोड़ खर्च होंगे।
*सामान्य वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति के लिए 723 करोड़ की व्यवस्था।
*पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति व फीस प्रतिपूर्ति पर 977 करोड़ खर्च होंगे।
*मदरसा, मकतब आधुनिकीकरण योजना पर 285 करोड़ खर्च होंगे।
*आलिया स्तर के नए 146 मदरसों को अनुदान देने के लिए 42 करोड़ की व्यवस्था।
*प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़।