सीएम अखिलेश ने पीएम मोदी से मांगे 439 करोड़
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड के लिए स्वीकृत केंद्रीय सहायता समय से न मिलने की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को बुंदेलखंड के लोगों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए चल रही योजनाओं और उनकी स्थिति की जानकारी दी है।
यह भी बताया है कि केंद्र द्वारा स्वीकृत योजनाओं में मिले बजट का उपभोग प्रमाण पत्र देने पर भी अगली किस्त समय पर नहीं मिल रही है। इससे पुराने काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा 657 करोड़ रुपये की जिन नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, उसके लिए स्वीकृत बजट की पहली किस्त भी अटकी है।
नतीजतन नए काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कृषि विपणन मंडियों को पूरा करने के लिए 343.76 करोड़ व चालू वित्त वर्ष में द्वितीय चरण के लिए अनुमोदित कार्यों के लिए 95.22 करोड़ रुपये तत्काल जारी कराने का आग्रह किया है।
प्रदेश के अफसरों ने भी केंद्र पर बढ़ाया दबाव
मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के तुरंत बाद प्रदेश के अफसरों ने भी केंद्र से बजट जारी कराने को लेकर दबाव बढ़ाया है। प्रमुख सचिव नियोजन देवेश चतुर्वेदी 18 दिसंबर को बुंदेलखंड पैकेज से जुड़े अफसरों के साथ दिल्ली पहुंचे। वहां केंद्र सरकार के अफसरों को पैकेज की प्रगति व बजट जारी न होने से पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी।
बुंदेलखंड पैकेज के लिए 3521.01 करोड़ मंजूर है। पहले चरण में स्वीकृत कार्य के लिए 1578.94 करोड़ की जरूरत है। केंद्र ने अब तक 1212.55 करोड़ दिए। इसमें 691 करोड़ की सहायता मंडियों के निर्माण के लिए मंजूर हुई।
इससे मंडल स्तरीय सात मंडी और 168 छोटी मंडी बनाई जानी थी। लेकिन जमीन न मिलने की वजह से बाद में बजट रिवाइज हुआ तो छोटी मंडियों की संख्या 133 और बजट करीब 663.76 करोड़ कर दिया गया। इसमें 320 करोड़ रुपये जारी किए गए।
मुख्यमंत्री ने पीएम को बताया है कि यह पूरा पैसा खर्च कर उपभोग प्रमाणपत्र भी दे दिया गया लेकिन बाकी 343.76 करोड़ जारी नहीं हो रहे हैं। इससे काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं।