बिजली सुधार के लिए फिर कसे गए अफसरों के पेंच
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली के लोकल फाल्ट को ठीक कराकर आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा है।
उन्होंने आलू की बुआई के लिए गांवों को कम से कम 10 घंटे बिजली देने तथा गांवों में कृषि फीडर अलग करने के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। वे मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शीत लहर के दौरान रोस्टर के मुताबिक बिजली की आपूर्ति प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराई जाए।
साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्रीय बिजली व कोयला राज्यमंत्री के साथ पिछले दिनों हुई बैठक में उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार के स्तर से होने वाली कार्रवाई को तत्काल पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्तूबर 2016 से ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे तथा शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए माहवार लक्ष्य तय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को मासिक समीक्षा करने और इस कार्य की प्रगति से उन्हें अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
अक्तूबर 2016 तक का दिया समय
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि फीडर को अलग करने की योजना पर काम कर रही है जिससे गांवों में कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति की जा सके।
इस कवायद को तेजी से पूरा कराने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से धन स्वीकृत को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सीएम ने 1 लाख 72 हजार मजरों के विद्युतीकरण का कार्य भी अक्तूबर 2016 तक पूरा करने के निर्देश अफसरों को दिए।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे और मेट्रो प्रोजेक्ट की तरह बिजली देने का वादा भी अखिलेश सरकार ने 2016 तक पूरा करने के लिए कहा है, जिसके लिए सरकार हर संभव कोशिशें कर रही है।
हालांकि, कई बार यूपी सरकार ने केंद्र पर भी बिजली की कमी का आरोप लगाया और खुद मुख्यमंत्री ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समस्या के समाधान के लिए पत्र लिखा, जिसके बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के साथ सीएम अखिलेश की मीटिंग हुई।