आयोग पर मोदी से 'गिव एंड टेक' गेम खेलेंगे अखिलेश
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केंद्रीय योजना आयोग के नए स्वरूप पर विचार-विमर्श के लिए 7 दिसंबर को दिल्ली में बुलाई गई बैठक में समाजवादी नजरिया पेश करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया है। सीएम ने इस बैठक में प्रदेश का नजरिया रखने के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव नियोजन देवेश चतुर्वेदी व अन्य अफसरों के साथ तैयारी बैठक की।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा योजना आयोग के स्वरूप में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव पर नकारात्मक रुख न दिखाने का संकेत किया।
वह प्रदेश के हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र से मिलने वाले बजट का 50 फीसदी सीधे राज्य सरकार को देने की मांग कर सकते हैं। मौजूदा समय बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा गाडगिल फार्मूले के तहत, बाकी रकम केंद्र सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के जरिये प्रदेश को देती है।
हालांकि, अखिलेश ने स्पष्ट तो नहीं किया है लेकिन वह राज्य को 50 फीसदी बजट के बदले योजना आयोग पर मोदी का समर्थन करेंगे।
इस तरह बजट का आवंटन चाहती है सरकार
प्रदेश सरकार चाहती है कि केंद्र कुल बजट का 50 प्रतिशत सीधे राज्य को दे ताकि वह प्रदेश की आवश्यकता के हिसाब से योजनाएं बना सके। इसके अलावा 50 प्रतिशत बजट से वह ऐसी योजनाएं में दे, जिसे हर राज्य के लिए एक जैसा न बनाकर राज्य की आवश्यकता के अनुरूप हो।
हो सकता है कि कोई योजना असम में लागू हो सकती है लेकिन यूपी में नहीं। इसके अलावा योजनाओं में इस तरह के प्रावधान न हों कि उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में मुश्किल आए।
प्रधानमंत्री की बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नियोजन भी दिल्ली जाएंगे।
जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री बैठक में राज्य का नीतिगत नजरिया पेश करने के साथ ही ऐसे संस्थानों को लेकर सरकार का समाजवादी नजरिया पेश करेंगे।