CBI की सुसाइड थ्योरी के बाद बरसे 'सरकार'
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बदायूं में दो चचेरी बहनों की मौत के मामले में सीबीआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्षियों पर हमला बोलते हुए कहा कि इस कांड को लेकर उनकी सरकार को खूब बदनाम किया गया।
सीबीआई की क्लीन चिट पर अखिलेश ने मीडिया को भी नहीं बख्शा। कहा कि इस पर तरह-तरह की खबरें प्रचारित व प्रसारित की गईं, लेकिन आज हकीकत सामने आ गई है।
मीडिया को खुद भी सोचना चाहिए कि वह लोकतंत्र में कहां खड़ा है। इस मसले पर नगर विकास मंत्री मो. आजम खां कहां पीछे रहने वाले थे।
उन्होंने भी कहा कि बदायूं कांड को लेकर सरकार व मुख्यमंत्री की छवि खराब करने वाले मीडिया को चैनलों के जरिये क्षमा-याचना करनी चाहिए। उन्होंने मीडिया को स्वयं अपनी हदें तय करने की नसीहत भी दे डाली।
'स्थानीय नहीं दिल्ली मीडिया ने हमें अपमानित किया'
राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बृहस्पतिवार को 100 नगरीय प्राथमिक केंद्रों के शुभारंभ के मौके पर बदायूं कांड पर सीबीआई की जांच रिपोर्ट का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि इस कांड के बहाने सपा व उनकी सरकार को नुकसान पहुंचाने के साथ ही अपमानित भी किया गया है।
खासतौर पर कुछ इलेक्ट्रॉनिक चैनलों को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए तरह-तरह की खबरें दिखाई गईं। कहा कि मीडिया के पास भले ही उन खबरों की रिकॉर्डिंग न हो लेकिन सरकार के पास सबकी रिकॉर्डिंग है।
हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री ने इसके लिए स्थानीय मीडिया से ज्यादा दिल्ली के मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसमें आप लोगों की कोई गलती नहीं है।
दिल्ली में बैठे आपके लोग सपा सरकार की छोटी सी चूक को भी खूब बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। वैसे इधर कुछ समय से थोड़ा सुधार आया है।
आजम भी कैसे रहते पीछे...
वहीं आजम खां ने बयान जारी कर कहा कि खास तौर पर इलेक्ट्रानिक मीडिया ने इस मामले में सरकार को जितना बदनाम किया था वह एक इतिहास बना गया है।
मीडिया की इस गैरजिम्मेदाराना भूमिका से लोकतंत्र में यकीन रखने वालों को बहुत आघात पहुंचा था। अब सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों लड़कियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही है।
आजम ने कहा कि अब यह जरूरी हो गया है कि मीडिया स्वयं अपनी हदें तय करे और लोकतंत्र के लिए स्वयं को एक चुनौती के रूप में न उभरने दे और केवल कारोबार व टीआरपी के लिए देश को नुकसान न पहुंचाए।
आजम ने कहा कि मीडिया को बिना शर्त अपने उन तमाम कृत्यों, जिसमें बदायूं की घटना सबसे ऊपर है, के लिए कर्मठ और साफ-सुथरी छवि वाले मुख्यमंत्री से चैनल के माध्यम से क्षमा याचना करे।