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चचा आजम को अखिलेश ने दे दिया करारा जवाब

Mon, 01 Dec 2014 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 01 Dec 2014 11:58 AM IST
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akhilesh and azam in lucknow mahotsav.

उर्दू अकादमी की ओर से लखनऊ महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय मुशायरे में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां के उर्दू को लेकर उठाए गए सवाल का जवाब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव देते हुए नजर आए।

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मंच पर माइक संभालने के बाद आजम खां ने मंच पर उर्दू में कुछ भी लिखा न पाकर तंज कसा कि समाजवादी सरकार उर्दू के विकास पर जोर दे रही है। गर, उर्दू का अलिफ भी लिखा होता तो बेहतर होता।
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इस पर सीएम अखिलेश यादव ने माहौल संभालते हुए कहा कि लिपि कोई भी हो। यहां के लोग शेरो-शायरी और गजल को पसंद करते हैं। उर्दू भले ही नहीं पढ़ते हों, लेकिन हिन्दी में लिखी शायरियां जरूर पढ़ लेते हैं।
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आजकल मोबाइल पर शेरो-शायरी हिन्दी में भेजी जाती है। हिन्दी को लोग अधिक समझते हैं। मैं खुद अपने दोस्तों की शायरियां फॉरवर्ड करता हूं। इसलिए इसका अधिकाधिक इस्तेमाल होना चाहिए।

अखिलेश बोले समाजवादी किसी से नहीं डरते

akhilesh and azam in lucknow mahotsav.

बतौर मुख्य अतिथि सीएम अखिलेश यादव ने विपक्षियों पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए उन्होंने कहा कि हम कैसा भी काम करें, कमी निकालने वाले गलतियां निकाल ही लेते हैं। पर, हम समाजवादी किसी से डरते नहीं।

उन्होंने आजम खां की तारीफ में भी कसीदे गढ़े। इससे पूर्व उर्दू अकादमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी ने सफाई दी कि इलेक्ट्रॉनिक बैकग्राउण्ड होने के कारण उर्दू नजर नहीं आई। अन्यथा बैनर उर्दू में ही तैयार किया गया है।

अल्पंसख्यक कल्याण मंत्री मोहम्‍मद आजम खां ने अपनी और मुलायम सिंह यादव की दोस्ती का बखान करते हुए कहा कि मुलायम ने अंग्रेजी की कभी मुखालफत नहीं की।

लेकिन वह हिन्दी वालों का हिन्दोस्तां बनाना चाहते थे। पर, कुछ लोग ऐसा हिन्दुस्तान बनाना चाहते हैं, जिसमें एक खास विचारधारा की कट्टरपंथी सोच नजर आती है। इसलिए हिन्दुस्तान नहीं, हिन्दोस्तां कहना चाहिए।

आजम ने कराया सीएम को इंतजार

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 8 बजे पहुंच गए थे। इसके बाद एक घंटे तक उन्हें आजम खां का इंतजार करना पड़ा।

इस दौरान वह मौजूद शायरों से गुफ्तगू करते रहे। आजम खां के आने के बाद उप्र हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह पहुंचे।

जब सीएम अखिलेश यादव महोत्सव स्थल पर पहुंचे तो मौके पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। आनन-फानन में उन्हें ग्रीन रूम में बिठाया गया। काफी देर बाद जिलाधिकारी व एसएसपी मौके पर पहुंचे।

महोत्सव के इस समारोह में सीएम अखिलेश अलग ही अंदाज में नजर आए। यहां उनका शायराना, दोस्ताना और मजाकिया अंदाज एक साथ देखने को मिला।

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