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अजीत सिंह हत्याकांड - शूटरों को उज्जैन पहुंचाने वाला गिरफ्तार, कार बरामद
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लखनऊ। विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर बुधवार को हुए गैंगवार में मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह को गोलियों से भून डाला गया था। वहीं साथी मोहर सिंह घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में दो दिन में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। रविवार को शूटरों को आजमगढ़ से लखनऊ लाने और फिर लखनऊ से उज्जैन तक पहुंचाने वाला आरोपी पुलिस के हाथ लग गया। पुलिस उसे लेकर देर रात लखनऊ पहुंची। उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले शूटर मुंबई निकल गए हैं। पुलिस की एक टीम वहां भी दबिश के लिए गई है। वहीं आजमगढ़ से कुछ अपराधियों को पुलिस ने उठा लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिनके आधार पर साजिश रचने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह व उसके करीबी मोहर सिंह दोनों बुधवार रात को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर गये थे। उनके साथ बुलेटप्रुफ एसयूवी में अजीत की महिला मित्र भी मौजूद थी। कठौता चौराहे पर एसयूवी से उतरते ही घात लगाकर बैठे शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात में अजीत को 25 गोलियां लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मोहर सिंह और एक डिलीवरी बॉय को भी गोली लगी थी। शनिवार को पुलिस ने शूटरों की मदद करने वाले प्रिंस को दबोचा था। पुलिस ने वहीं से वारदात को अंजाम देकर भागने में प्रयुक्त लाल रंग की डस्टर कार भी बरामद की थी जो मुंबई के एक व्यापारी की निकली।
वारदात के बाद उज्जैन होते हुए मुंबई निकले शूटर
पुलिस कश्मिनर डीके ठाकुर के मुताबिक, रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ एक और सफलता लगी जिसमें पुलिस ने शूटरों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने वाले एक युवक को दबोच लिया। पकड़ा गया युवक आजमगढ़ का रहने वाला रेहान है। पुलिस ने उसे सर्विलांस टीम की मदद से उज्जैन लोकेशन मिलने पर वहीं से गिरफ्तार किया है। उसके पास से लखनऊ से उज्जैन तक पहुंचाने में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में रेहान ने बताया कि उसी ने आजमगढ़ से शूटरों को लखनऊ पहुंचाया था। इसके बाद वारदात के दूसरे दिन वहां से शूटरों को लेकर उज्जैन के लिए निकल गया। उज्जैन पहुंचने के बाद शूटरों को दूसरी कार में बैठाकर मुंबई के लिए भेज दिया। इसके बाद वह अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहा था। लेकिन इसके पहले ही रविवार तड़के पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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स्कूल संचालक के घर दी दबिश
पुलिस के मुताबिक, अजीत सिंह की हत्या में शामिल शूटरों के मददगार प्रिंस की गिरफ्तारी के बाद चार नई टीमों को इस गैंगवार के खुलासे के लिए लगा दिया गया है। शनिवार देर रात पुलिस टीम ने एक स्कूल संचालक के घर पर दबिश दी। उसका आपराधिक इतिहास है। इसके अलावा घायल शूटर की तलाश में पुलिस ने वहां के एक अस्पताल में भी दबिश दी। साथ में लाल डस्टर से लखनऊ गए अंकुर व उसके दो करीबियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इन दोनों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है। शनिवार को पुलिस गिरफ्त में आए प्रिंस ने गैंगवार से जुड़ी कई अहम जानकारी दीं। उसने बताया कि अंकुर और बंधन ने किसी से बात कर कहा था कि गिरधारी ने अजीत की हत्या कर दी है। पुलिस व एसटीएफ भी यही मान रही है कि गिरधारी उर्फ डॉक्टर ने अजीत को गोलियों से भून डाला था। गिरधारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
रास्ते में मिले थे दो शूटर
पुलिस की पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि वह अंकुर व बंधन के साथ आजमगढ़ से चला था। अंकुर और बंधन ने कुछ दूर चलने केबाद गाड़ी रुकवा दी थी। दो लोग मिलने आए। अंकुर ने गाड़ी से उतरकर उनके मोबाइल से किसी की बात कराई। प्रिंस से कई अहम जानकारी मिलने के बाद आजमगढ़ पुलिस से कुछ ठिकानों पर दबिश देने के लिए मदद मांगी गई है। कमिश्नरेट और आजमगढ़ की पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं।
दो फ्लैट बने थे शूटरों के ठिकाने
पुलिस के मुताबिक, गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट के दो फ्लैट शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बने थे। एक फ्लैट में प्रदीप कबूतरा का परिवार रहता है। वहीं दूसरे फ्लैट में शूटरों को पनाह दी गई थी। शूटरों की मदद करने वाले अंकुर व बंधन रोहतास के फ्लैट में ठहरे थे। शारदा अपार्टमेंट का फ्लैट आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह के करीबी प्रदीप कबूतरा का बताया जा रहा है। उधर मुख्य शूटर गिरधारी की वर्तमान फोटो पुलिस के हाथ लग गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं एसटीएफ ने भी अपना जाल बिछा दिया है। इस मामले में कुछ सफेदपोश के नाम भी सामने आ रहे हैं जिनकी कुंडली पुलिस खंगाल रही है।
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पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले शूटर मुंबई निकल गए हैं। पुलिस की एक टीम वहां भी दबिश के लिए गई है। वहीं आजमगढ़ से कुछ अपराधियों को पुलिस ने उठा लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिनके आधार पर साजिश रचने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह व उसके करीबी मोहर सिंह दोनों बुधवार रात को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर गये थे। उनके साथ बुलेटप्रुफ एसयूवी में अजीत की महिला मित्र भी मौजूद थी। कठौता चौराहे पर एसयूवी से उतरते ही घात लगाकर बैठे शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात में अजीत को 25 गोलियां लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मोहर सिंह और एक डिलीवरी बॉय को भी गोली लगी थी। शनिवार को पुलिस ने शूटरों की मदद करने वाले प्रिंस को दबोचा था। पुलिस ने वहीं से वारदात को अंजाम देकर भागने में प्रयुक्त लाल रंग की डस्टर कार भी बरामद की थी जो मुंबई के एक व्यापारी की निकली।
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वारदात के बाद उज्जैन होते हुए मुंबई निकले शूटर
पुलिस कश्मिनर डीके ठाकुर के मुताबिक, रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ एक और सफलता लगी जिसमें पुलिस ने शूटरों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने वाले एक युवक को दबोच लिया। पकड़ा गया युवक आजमगढ़ का रहने वाला रेहान है। पुलिस ने उसे सर्विलांस टीम की मदद से उज्जैन लोकेशन मिलने पर वहीं से गिरफ्तार किया है। उसके पास से लखनऊ से उज्जैन तक पहुंचाने में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में रेहान ने बताया कि उसी ने आजमगढ़ से शूटरों को लखनऊ पहुंचाया था। इसके बाद वारदात के दूसरे दिन वहां से शूटरों को लेकर उज्जैन के लिए निकल गया। उज्जैन पहुंचने के बाद शूटरों को दूसरी कार में बैठाकर मुंबई के लिए भेज दिया। इसके बाद वह अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहा था। लेकिन इसके पहले ही रविवार तड़के पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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स्कूल संचालक के घर दी दबिश
पुलिस के मुताबिक, अजीत सिंह की हत्या में शामिल शूटरों के मददगार प्रिंस की गिरफ्तारी के बाद चार नई टीमों को इस गैंगवार के खुलासे के लिए लगा दिया गया है। शनिवार देर रात पुलिस टीम ने एक स्कूल संचालक के घर पर दबिश दी। उसका आपराधिक इतिहास है। इसके अलावा घायल शूटर की तलाश में पुलिस ने वहां के एक अस्पताल में भी दबिश दी। साथ में लाल डस्टर से लखनऊ गए अंकुर व उसके दो करीबियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इन दोनों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है। शनिवार को पुलिस गिरफ्त में आए प्रिंस ने गैंगवार से जुड़ी कई अहम जानकारी दीं। उसने बताया कि अंकुर और बंधन ने किसी से बात कर कहा था कि गिरधारी ने अजीत की हत्या कर दी है। पुलिस व एसटीएफ भी यही मान रही है कि गिरधारी उर्फ डॉक्टर ने अजीत को गोलियों से भून डाला था। गिरधारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
रास्ते में मिले थे दो शूटर
पुलिस की पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि वह अंकुर व बंधन के साथ आजमगढ़ से चला था। अंकुर और बंधन ने कुछ दूर चलने केबाद गाड़ी रुकवा दी थी। दो लोग मिलने आए। अंकुर ने गाड़ी से उतरकर उनके मोबाइल से किसी की बात कराई। प्रिंस से कई अहम जानकारी मिलने के बाद आजमगढ़ पुलिस से कुछ ठिकानों पर दबिश देने के लिए मदद मांगी गई है। कमिश्नरेट और आजमगढ़ की पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं।
दो फ्लैट बने थे शूटरों के ठिकाने
पुलिस के मुताबिक, गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट के दो फ्लैट शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बने थे। एक फ्लैट में प्रदीप कबूतरा का परिवार रहता है। वहीं दूसरे फ्लैट में शूटरों को पनाह दी गई थी। शूटरों की मदद करने वाले अंकुर व बंधन रोहतास के फ्लैट में ठहरे थे। शारदा अपार्टमेंट का फ्लैट आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह के करीबी प्रदीप कबूतरा का बताया जा रहा है। उधर मुख्य शूटर गिरधारी की वर्तमान फोटो पुलिस के हाथ लग गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं एसटीएफ ने भी अपना जाल बिछा दिया है। इस मामले में कुछ सफेदपोश के नाम भी सामने आ रहे हैं जिनकी कुंडली पुलिस खंगाल रही है।