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ऐशबाग-सीतापुर रूट पर 90 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:55 PM IST
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- फोटो : डेमो
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ( सीआरएस ) ने ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे दी है। इस रूट पर 90 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनें फर्राटा भरेंगी। हालांकि सीआरएस के मुआयने में 120 किमी की स्पीड से ट्रेन का ट्रायल किया था।
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ट्रेनों के संचालन के बाद रेल यात्री 30 रुपये में लखनऊ से सीतापुर का सफर तय कर सकेंगे। ट्रेनों के संचालन की अभी तारीख तय होनी बाकी है। उम्मीद है कि नए साल में लोगों को सफर की सौगात मिलेगी।
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बता दें कि सीतापुर में पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे के दो ट्रैक हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे का बुढ़वल वाया सीतापुर सीतापुर जंक्शन व ऐशबाग वाया सीतापुर-लखीमपुर मैलानी तथा उत्तर रेलवे का सीतापुर सिटी वाया महोली-रोजा तथा सीतापुर सिटी वाया नैमिषारण्य-बालामऊ हैं। उत्तर रेलवे का ट्रैक बरसों पहले ब्रॉडगेज में तब्दील हो चुका था। लेकिन ऐशबाग वाया सीतापुर-लखीमपुर मीटर गेज अब ब्रॉडगेज में परिवर्तित कर दिया है।
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इस आमान परिवर्तन से सीतापुर कैंट और छावनी स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल हो गए हैं। यही नहीं वहां के स्टेशन का नाम सीतापुर जंक्शन हो गया। आमान परिवर्तन से सीतापुर जंक्शन को नया लुक मिल गया है। बीते 24 व 25 नवंबर को सीआरएम की टीम ने मुआयना किया था।
निरीक्षण में यह ट्रैक को ओके रहा था, लेकिन यहां के रूट पर ट्रेनों को दौड़ाने के लिए सीआरएस की रिपोर्ट आने का इंतजार हो रहा था। अब सीआरएस अरविंद कुमार जैन ने ऐशबाग-सीतापुर रूट पर ट्रेनें दौड़ने की हरी झंडी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सीआरएस ने यहां के रूट पर ट्रेनों के संचालन के लिए 90 किमी प्रति घंटा की स्पीड दी है।
इससे जल्द ही इस रूट पर ट्रेनें दौड़ने की उम्मीद जग गई है। यहां के ट्रैक पर ट्रेनें कब दौड़ेंगी, इसकी कोई तारीख तय नहीं है। पर रिपोर्ट में एक माह के अंदर ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। ट्रेनों का संचालन होने से 25 हजार यात्रियों को लखनऊ और सीतापुर के बीच कम किराए में आवागमन की सुविधा हासिल होगी।
दौड़ेंगी चार जोड़ी यात्री ट्रेनें
ऐशबाग-सीतापुर रूट पर शुरुआती दौर में चार जोड़ी यात्री ट्रेनें दौड़ाई जाएंगी। चार ट्रेनें यात्रियों को लखनऊ से सीतापुर लेकर जाएंगी और इतनी ही ट्रेनें वहां से वापस लखनऊ मुसाफिरों को लेकर आएंगी। लेकिन धीरे-धीरे रूट पर ट्रेनों की संख्या में इजाफा होगा। हालांकि पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि ऐशबाग-सीतापुर रूट पर ट्रेनों के संचालन को अभी तक सीआरएस की रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।