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थम गया 130 साल पुरानी छोटी लाइन का सफर, अब सिर्फ यादें

Sun, 15 May 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 May 2016 02:26 AM IST
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Aishbagh sitapur railway section closed.
- फोटो : amar ujala

130 साल पुरानी ऐशबाग-सीतापुर छोटी लाइन का सफर शनिवार को थम गया। ऐशबाग से पीलीभीत सेक्शन पर कुल पांच ट्रेनें रवाना हुईं। आखरी ट्रेन थी ऐशबाग मैलानी। गाड़ी संख्या 52246 शाम 5.55 बजे प्लेटफार्म दो से 588 यात्रियों को लेकर रवाना हुई।

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खचाखच भरी इस ट्रेन में अमूमन हर यात्री सफर की सुनहरी यादें सहेज लेने की कोशिश में जुटा था। ड्राइवर आरके सिंह, सहायक लोको पायलट दिलीप कुमार और गार्ड अनिल कुमार सबीता इसके आखिरी सफर के साक्षी बने।
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पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड का आमान परिवर्तन करवाया जा रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल 350 करोड़ की लागत से 80 किलोमीटर लंबी छोटी लाइन की जगह बड़ी लाइन की पटरियां बिछाई जाएंगी और स्टेशनों का स्वरूप निखारा जाएगा।
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इसके लिए 15 मई से रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद किया जा रहा है। आमान परिवर्तन के कार्य को छह महीने में पूरा कर लेने का दावा अधिकारियों ने किया है। हालांकि सूत्रों की मानें तो यह काम अगले साल मार्च तक पूरा हो सकेगा।

आखिरी दिन भी लेट

Aishbagh sitapur railway section closed.
लोगों ने सेल्फी लेकर इस तरह अंतिम सफर को यादगार बनाया - फोटो : amar ujala

आखिरी दिन भी ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार हुईं। ऐशबाग, सिटी स्टेशन, डालीगंज और मोहिबुल्लापुर स्टेशनों पर ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों की कतारें देखने को मिलीं। तपती धूप में यात्री छोटी लाइन के आखिरी सफर को यादगार बनाने की जुगत करते दिखे।

मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन पर शाम की सीतापुर पैसेंजर से खैराबाद जाने वाले युवाओं के ग्रुप ने अंतिम सफर को यादगार बनाने के लिए समोसों व कोल्ड ड्रिंक की पार्टी रखी तो ऐशबाग व सिटी स्टेशन से सफर करने वाले बुजुर्गों ने सुनहरी यादों के संदूक पर जमी गर्द साफ की।

महंगा हो सकता है दूध
छोटी लाइन की ट्रेनों में रोजाना सफर करने वालों में छात्रों, नौकरीपेशा लोगों के अतिरिक्त दूधियों की बहुत बड़ी संख्या होती थी, जिन्हें अब बस या मोटरसाइकिलों से लखनऊ का सफर करना पड़ेगा।

अटरिया के रहने वाले दूध कारोबारी पप्पू यादव ने बताया कि दस रुपये का टिकट लेकर लखनऊ आ जाते थे, अब जब बस से दूध लाएंगे तो जाहिर सी बात है कि दूध का रेट बढ़ाना पड़ेगा। इस रूट पर रोजाना सुबह की ट्रेनों पर करीब हजार से डेढ़ हजार दूधिए सफर करते थे।

सीतापुर-गोंडा शिफ्ट हुईं बोगियां

Aishbagh sitapur railway section closed.
स्टेशन का एक दृश्य - फोटो : amar ujala

ऐशबाग रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़े एक्मीटर गेज के डिब्बे शनिवार को ट्रेनों के जरिए सीतापुर व गोंडा के लिए रवाना किए गए।

करीब दो बजे बोगियों की शिफ्टिंग शुरू हुई, पर प्रेशर डाउन होने से ट्रेन काफी देर स्टेशन पर खड़ी रही। ऐसे ही स्टेशन पर एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन के सामान को ब्रॉड गेज की ट्रेन पर लदवाकर लखनऊ जंक्शन पहुंचवाया गया।

खुले रहेंगे टिकट काउंटर व आरक्षण केंद्र
ऐशबाग-सीतापुर रेलवे स्टेशन पर आरक्षण केंद्र व टिकट काउंटर बंद नहीं होंगे। ऐशबाग स्टेशन पर टिकट काउंटर प्रभारी ने बताया कि इस रूट केटिकट नहीं मिलेंगे।

पर, 200 किमी तक  के सफर के लिएटिकट मिलेंगे, जिनकी ट्रेनें चारबाग व लखनऊ  जंक्शन से रवाना होंगी। आरक्षण केंद्र वगैरह खुले रहने से लोगों को टिकटों के लिए चारबाग, बादशाहनगर वगैरह के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

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