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133 साल बाद नए युग का आगाज, ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड पर आज से दौड़ेंगी ट्रेनें
Wed, 09 Jan 2019 01:29 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:29 PM IST
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कुछ ऐसा था छोटी लाइन का स्वरूप
- फोटो : amar ujala
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इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। ‘छोटी’ से ‘बड़ी’ हो गई ऐशबाग-सीतापुर रेल लाइन पर बुधवार से ट्रेनें फिर से दौड़ेंगी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा खैराबाद में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना करेंगे। रूट पर ट्रेनों के शुरू हो जाने से करीब पचास हजार यात्रियों को राहत मिलेगी।
इसमें छात्र-छात्राओं, दैनिक यात्रियों सहित मजदूरों की बड़ी संख्या है।अंग्रेजी हुकूमत में 1886 में ऐशबाग-सीतापुर के बीच मीटरगेज बिछाई गई थी। पर, जब मीटरगेज की उपयोगिता खत्म होने लगी तो पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से इस रूट के आमान परिवर्तन की योजना बनी और 13 मई, 2016 में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने ब्रॉडगेज का काम शुरू कर दिया।
यह काम करीब 32 महीने में पूरा कर लिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि ऐशबाग से सीतापुर के बीच 88.25 किलोमीटर रेलखंड का आमान परिवर्तन 374 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से 41 समपार, छह सीमित ऊंचाई वाले सबे-वे, आठ रोड डायवर्जन व सात स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज बनाए गए हैं।
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इसमें छात्र-छात्राओं, दैनिक यात्रियों सहित मजदूरों की बड़ी संख्या है।अंग्रेजी हुकूमत में 1886 में ऐशबाग-सीतापुर के बीच मीटरगेज बिछाई गई थी। पर, जब मीटरगेज की उपयोगिता खत्म होने लगी तो पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से इस रूट के आमान परिवर्तन की योजना बनी और 13 मई, 2016 में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने ब्रॉडगेज का काम शुरू कर दिया।
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यह काम करीब 32 महीने में पूरा कर लिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि ऐशबाग से सीतापुर के बीच 88.25 किलोमीटर रेलखंड का आमान परिवर्तन 374 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से 41 समपार, छह सीमित ऊंचाई वाले सबे-वे, आठ रोड डायवर्जन व सात स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज बनाए गए हैं।
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महज 355 रुपये में पूरे महीने जाइए सीतापुर
डेमो
लखनऊ से सीतापुर के सफर पर अभी जहां पैसेंजरों को बस से सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वहीं नौ जनवरी से सेक्शन शुरू हो जाने के बाद महज 25 रुपये के किराए में वह यात्रा कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ से सीतापुर के बीच 84 किमी दूरी के लिए 25 रुपये का टिकट लगेगा। जबकि एमएसटी के लिए 355 रुपये प्रतिमाह खर्च करने होंगे।
अप्रैल तक इंतजार, फिर जाइए टनकरपुर भी
इस रूट से टनकपुर के लिए ट्रेन अप्रैल से शुरू होगी। बहराइच से मैलानी तक ब्रॉडगेज का काम बाकी है।
अप्रैल तक इंतजार, फिर जाइए टनकरपुर भी
इस रूट से टनकपुर के लिए ट्रेन अप्रैल से शुरू होगी। बहराइच से मैलानी तक ब्रॉडगेज का काम बाकी है।
डालीगंज : एंट्री केलिए खुले तीन रास्ते
डालीगंज स्टेशन
- फोटो : amar ujala
यात्री सुविधाओं के लिहाज से खासा फोकस किया गया है। मसलन, स्टेशन पर एंट्री के तीन रास्ते हैं। इसमें एक रास्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के पीछे होते हुए डालीगंज तक पहुंचने का है। दूसरा शिया कॉलेज के पास से है।
तीसरा रास्ता डालीगंज क्रॉसिंग के पास से खोला गया है, जहां से पटरी के समानांतर प्लेटफॉर्म तक पहुंचा जा सकता है। इतना ही नहीं इस रास्ते को आगे शिया कॉलेज वाले रास्ते में जोड़ा गया है, जिससे यह कैब-वे सरीखा हो गया है।
मोहिबुल्लापुर : क्षमता के साथ बढ़ी सुविधाएं
यहां पर रेलवे की ओर से दो प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां लाइट संग फुटओवर ब्रिज की मुकम्मल व्यवस्था है, जहां बैठने से लेकर शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
तीसरा रास्ता डालीगंज क्रॉसिंग के पास से खोला गया है, जहां से पटरी के समानांतर प्लेटफॉर्म तक पहुंचा जा सकता है। इतना ही नहीं इस रास्ते को आगे शिया कॉलेज वाले रास्ते में जोड़ा गया है, जिससे यह कैब-वे सरीखा हो गया है।
मोहिबुल्लापुर : क्षमता के साथ बढ़ी सुविधाएं
यहां पर रेलवे की ओर से दो प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जहां लाइट संग फुटओवर ब्रिज की मुकम्मल व्यवस्था है, जहां बैठने से लेकर शौचालय व पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
ट्रेनों का बढ़ा दिया गया ठहराव
ऐशबाग रेलवे स्टेशन
- फोटो : amar ujala
ऐशबाग स्टेशन : लिफ्ट व पाथवे देगा राहत
ऐशबाग रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ा दिया गया है, जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ी है। रेलवे ने यहां पैसेंजरों को एफओबी के साथ-साथ लिफ्ट की सुविधा भी मुहैया कराई है। स्टेशन पर म्यूरल पेंटिंग की गई है। साथ ही पाथवे बनाया गया है, जिससे दिव्यांगों व बुजुर्गों और कुलियों को सामान एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आराम हो गया है।
ऐशबाग रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ा दिया गया है, जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ी है। रेलवे ने यहां पैसेंजरों को एफओबी के साथ-साथ लिफ्ट की सुविधा भी मुहैया कराई है। स्टेशन पर म्यूरल पेंटिंग की गई है। साथ ही पाथवे बनाया गया है, जिससे दिव्यांगों व बुजुर्गों और कुलियों को सामान एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आराम हो गया है।
स्टेशन पर पैसेंजरों के लिए दो फुटओवर ब्रिज
लखनऊ सिटी स्टेशन
- फोटो : amar ujala
सिटी स्टेशन : ‘ड्रॉप एंड लीव’ जोन
सिटी स्टेशन पर रेलवे की ओर से पैसेंजरों की सुविधा के लिए ड्रॉप एंड लीव जोन बनाया गया है। यहां मुख्य द्वार के पास तक गाड़ियों से पैसेंजरों को ड्रॉप कर सीधे दूसरे रास्ते से बाहर निकला जा सकता है। इसके अतिरिक्त स्टेशन पर सेकंड एंट्री भी बनाई गई है, जहां पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है। हालांकि, यह अभी अधूरी है। इस स्टेशन पर पैसेंजरों के लिए दो फुटओवर ब्रिज हैं। कई अन्य सुविधाएं भी हैं।
सिटी स्टेशन पर रेलवे की ओर से पैसेंजरों की सुविधा के लिए ड्रॉप एंड लीव जोन बनाया गया है। यहां मुख्य द्वार के पास तक गाड़ियों से पैसेंजरों को ड्रॉप कर सीधे दूसरे रास्ते से बाहर निकला जा सकता है। इसके अतिरिक्त स्टेशन पर सेकंड एंट्री भी बनाई गई है, जहां पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है। हालांकि, यह अभी अधूरी है। इस स्टेशन पर पैसेंजरों के लिए दो फुटओवर ब्रिज हैं। कई अन्य सुविधाएं भी हैं।