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जमीन मिली नहीं, लेकिन 135 करोड़ के एयरपोर्ट लिंक प्रोजेक्ट का काम शुरू
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जमीन मिली नहीं, लेकिन 135 करोड़ के एयरपोर्ट लिंक प्रोजेक्ट का काम शुरू
अमौसी एयरपोर्ट से सीधे शहीद पथ को लिंक करने के लिए बनाए गए एलीवेटेड फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट में बिना जमीन मिले ही निर्माण शुरू हो गया है।
करीब 135 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में सेतु निगम शहीद पथ की सर्विस लेन पर काम करवा रहा है। हालांकि, अब इसे धीमा कर दिया गया है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहीद पथ की सर्विस लेन पर रिटेनिंग वॉल बनवा दी गई है। इससे आगे अब एलीवेटेड सेक्शन का निर्माण शुरू होना है।
यह काम शुरू करने को जमीन की जरूरत होगी। इसका अधिग्रहण कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को भी पत्र भेजा जा चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद है कि जल्द जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो अभी तक कागजों में ही चल रही है।
जमीन मिलने से ही प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया जा सकेगा। गौरतलब है कि 134.69 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2018 में स्वीकृति मिली थी।
इसकी पहली किश्त भी सेतु निगम को मिल गई। ऐसे में काम शुरू कराना पड़ा। 1125 मीटर लंबे इस एलीवेटेड प्रोजेक्ट को वर्ष 2021 तक पूरा करना है।
पुलों की दोगुनी लागत कर चुके हैं जमीनी विवाद
जमीन के विवाद का हल न निक ल पाने से शहर के तीन फ्लाईओवर की लागत दोगुनी तक हो चुकी है। तीनों पुल सेतु निगम ने बनाए थे। इसमें कुक रैल पुल जहां 48 करोड़ रुपये स्वीकृत लागत से बढ़कर 82 करोड़ में पूरा हुआ तो मल्हौर पुल 16 करोड़ की जगह 31 करोड़ रुपये में बना। इसके अलावा पिपराघाट पुल 39 करोड़ की जगह 60 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ। इसके बाद भी अधिकारियों की लापरवाही जारी है।
एलडीए तक से नहीं मिली जमीन
एलीवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण को एलडीए की भी जमीन ली जानी है। करीब 260 मीटर एलीवेटिड सड़क का निर्माण इसी जमीन पर होना है। इसके लिए प्राधिकरण सहमति भी दे चुका है। इस जमीन के मुआवजे के लिए एलडीए को 13 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। इस धनराशि का भुगतान भी अभी तक नहीं किया जा सका है। यहां कुछ निजी सोसाइटी की भी जमीनें ली जानी प्रस्तावित हैं।
सभी भू-स्वामियों से सहमति नहीं मिली
एयरपोर्ट लिंक के लिए जिन भू-स्वामियों की जमीनें ली जानी हैं, उन सभी से सहमति तक नहीं बन पाई है। एक धार्मिक स्थल की जमीन के अधिग्रहण के लिए स्थानीय जनोत्थान समिति बेहसा ने आपत्ति की हुई है। इसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुआ, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है।
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जाम में नहीं फंसेंगे एयरपोर्ट के यात्री
सेतु निगम के इस प्रोजेक्ट का महत्व यह है कि इस लिंक के बनने से एयरपोर्ट के यात्रियों को कानपुर रोड पर जाम में नहीं फंसना होगा। यात्री एयरपोर्ट के अंदर से सीधे लिंक रोड से शहीद पथ पर आ जाएंगे। इसके बाद सीधे शहीद पथ से किसी भी हाइवे या शहर के अंदर को जा सकें गे। वीआईपी मूवमेंट के समय इससे काफी राहत मिलेगी।
काम अभी रूका नहीं सिर्फ धीमा
सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि रिटेनिंग वॉल का काम पूरा हो चुका है। अब अगले चरण के काम के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद काम तेज होगा। अभी सर्विस लेन पर ही काम चलेगा। हमारी कोशिश है कि इस बीच जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा। 2021 तक प्रोजेक्ट पूरा करना है। जमीन विवाद इससे पहले ही निबटा लिए जाएंगे।
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अमौसी एयरपोर्ट से सीधे शहीद पथ को लिंक करने के लिए बनाए गए एलीवेटेड फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट में बिना जमीन मिले ही निर्माण शुरू हो गया है।
करीब 135 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में सेतु निगम शहीद पथ की सर्विस लेन पर काम करवा रहा है। हालांकि, अब इसे धीमा कर दिया गया है।
सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहीद पथ की सर्विस लेन पर रिटेनिंग वॉल बनवा दी गई है। इससे आगे अब एलीवेटेड सेक्शन का निर्माण शुरू होना है।
यह काम शुरू करने को जमीन की जरूरत होगी। इसका अधिग्रहण कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को भी पत्र भेजा जा चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद है कि जल्द जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो अभी तक कागजों में ही चल रही है।
जमीन मिलने से ही प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया जा सकेगा। गौरतलब है कि 134.69 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2018 में स्वीकृति मिली थी।
इसकी पहली किश्त भी सेतु निगम को मिल गई। ऐसे में काम शुरू कराना पड़ा। 1125 मीटर लंबे इस एलीवेटेड प्रोजेक्ट को वर्ष 2021 तक पूरा करना है।
पुलों की दोगुनी लागत कर चुके हैं जमीनी विवाद
जमीन के विवाद का हल न निक ल पाने से शहर के तीन फ्लाईओवर की लागत दोगुनी तक हो चुकी है। तीनों पुल सेतु निगम ने बनाए थे। इसमें कुक रैल पुल जहां 48 करोड़ रुपये स्वीकृत लागत से बढ़कर 82 करोड़ में पूरा हुआ तो मल्हौर पुल 16 करोड़ की जगह 31 करोड़ रुपये में बना। इसके अलावा पिपराघाट पुल 39 करोड़ की जगह 60 करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ। इसके बाद भी अधिकारियों की लापरवाही जारी है।
एलडीए तक से नहीं मिली जमीन
एलीवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण को एलडीए की भी जमीन ली जानी है। करीब 260 मीटर एलीवेटिड सड़क का निर्माण इसी जमीन पर होना है। इसके लिए प्राधिकरण सहमति भी दे चुका है। इस जमीन के मुआवजे के लिए एलडीए को 13 करोड़ रुपये दिए जाने हैं। इस धनराशि का भुगतान भी अभी तक नहीं किया जा सका है। यहां कुछ निजी सोसाइटी की भी जमीनें ली जानी प्रस्तावित हैं।
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सभी भू-स्वामियों से सहमति नहीं मिली
एयरपोर्ट लिंक के लिए जिन भू-स्वामियों की जमीनें ली जानी हैं, उन सभी से सहमति तक नहीं बन पाई है। एक धार्मिक स्थल की जमीन के अधिग्रहण के लिए स्थानीय जनोत्थान समिति बेहसा ने आपत्ति की हुई है। इसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुआ, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है।
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जाम में नहीं फंसेंगे एयरपोर्ट के यात्री
सेतु निगम के इस प्रोजेक्ट का महत्व यह है कि इस लिंक के बनने से एयरपोर्ट के यात्रियों को कानपुर रोड पर जाम में नहीं फंसना होगा। यात्री एयरपोर्ट के अंदर से सीधे लिंक रोड से शहीद पथ पर आ जाएंगे। इसके बाद सीधे शहीद पथ से किसी भी हाइवे या शहर के अंदर को जा सकें गे। वीआईपी मूवमेंट के समय इससे काफी राहत मिलेगी।
काम अभी रूका नहीं सिर्फ धीमा
सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि रिटेनिंग वॉल का काम पूरा हो चुका है। अब अगले चरण के काम के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद काम तेज होगा। अभी सर्विस लेन पर ही काम चलेगा। हमारी कोशिश है कि इस बीच जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा। 2021 तक प्रोजेक्ट पूरा करना है। जमीन विवाद इससे पहले ही निबटा लिए जाएंगे।