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लखनऊ: तालकटोरा समेत इस इलाके में बिगड़ी हवा की सेहत, 300 पार हुआ एक्यूआई
Thu, 01 Oct 2020 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 12:42 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ के लालबाग और तालकटोरा इलाकों की हवा की सेहत बहुत खराब हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि फ्लाईओवर पर काम, सीवर के लिए खोदाई से सड़कों पर बढ़ी धूल से ऐसा हुआ है। पिछले 72 घंटे से अधिक समय से इन इलाकों में हवा बहुत खराब श्रेणी में मिल रही है। यूपीपीसीबी इसके कारणों की तलाश कर इसे कम करने में जुट गई है।
सीपीसीबी के रिकॉर्ड मुताबिक तालकटोरा में हवा की सबसे खराब स्थिति बनी हुई है। यहां चार दिन से लगातार औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के ऊपर है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि तालकटोरा क्षेत्र में अभी ऐसी कोई फैक्ट्री भी नहीं चल रही है, जिसकी वजह से पीएम 2.5 बढ़े।
ऐसा धूल की वजह से हो सकता है। कुछ दिन से हवा के रुख में बदलाव देखा जा रहा हुआ है। इससे धूल के कण वायुमंडल में छंट नहीं रहे हैं। इससे भी एक्यूआई बढ़ने की आशंका है। अगर ऐसा है तो इसे कम करने के लिए तात्कालिक प्रयास करने होंगे।
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सीपीसीबी के रिकॉर्ड मुताबिक तालकटोरा में हवा की सबसे खराब स्थिति बनी हुई है। यहां चार दिन से लगातार औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के ऊपर है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि तालकटोरा क्षेत्र में अभी ऐसी कोई फैक्ट्री भी नहीं चल रही है, जिसकी वजह से पीएम 2.5 बढ़े।
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ऐसा धूल की वजह से हो सकता है। कुछ दिन से हवा के रुख में बदलाव देखा जा रहा हुआ है। इससे धूल के कण वायुमंडल में छंट नहीं रहे हैं। इससे भी एक्यूआई बढ़ने की आशंका है। अगर ऐसा है तो इसे कम करने के लिए तात्कालिक प्रयास करने होंगे।
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प्रशासन नहीं समझ रहा जिम्मेदारी
सड़कों पर पड़ी धूल से खराब हो रही हवा
- फोटो : अमर उजाला
तालकटोरा में हवा का हाल
तारीख एक्यूआई
30 सितंबर 321
29 सितंबर 339
28 सितंबर 302
27 सितंबर 318
26 सितंबर 188
25 सितंबर 97
लालबाग में हवा का हाल
तारीख एक्यूआई
30 सितंबर 307
29 सितंबर 287
28 सितंबर 298
27 सितंबर 292
26 सितंबर 188
25 सितंबर 77
द क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर का कहना है कि इस समय कोरोना का संकट बना हुआ है। ऐसे में वायु प्रदूषण बढ़ना खतरनाक संकेत हो सकता है। इसे रोकने को जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। योजनाएं केवल कागज तक सीमित हैं। आशंका है कि जहरीली हवा गंभीर रोगों के साथ मिलकर हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कम कर दे। जबकि, कोविड 19 के समय में इसका बेहतर होना जरूरी है।
तारीख एक्यूआई
30 सितंबर 321
29 सितंबर 339
28 सितंबर 302
27 सितंबर 318
26 सितंबर 188
25 सितंबर 97
लालबाग में हवा का हाल
तारीख एक्यूआई
30 सितंबर 307
29 सितंबर 287
28 सितंबर 298
27 सितंबर 292
26 सितंबर 188
25 सितंबर 77
द क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर का कहना है कि इस समय कोरोना का संकट बना हुआ है। ऐसे में वायु प्रदूषण बढ़ना खतरनाक संकेत हो सकता है। इसे रोकने को जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। योजनाएं केवल कागज तक सीमित हैं। आशंका है कि जहरीली हवा गंभीर रोगों के साथ मिलकर हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कम कर दे। जबकि, कोविड 19 के समय में इसका बेहतर होना जरूरी है।