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पूरे शहर में ट्रैफिक जाम नहीं होने देने का आदेश
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जाम पर लगाम लगा शहर की हवा सुधारने की कवायद
राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जाम न लगने देने का आदेश प्रशासन ने दिया है। इसके लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
अब प्रशासन की मदद से यूपीपीसीबी कार्रवाई करेगा। पहले चरण में सड़कों के गड्ढे पाटे जाएंगे। जबकि जाम खत्म करने के लिए पुलिस आयुक्त से मदद ली जाएगी।
वहीं, नगर निगम सड़कों पर पानी का छिड़काव कराएगा। वहीं, पांच दिन बाद राजधानी की हवा में सुधार हुआ है।
बृहस्पतिवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान की बैठक डीएम अभिषेक प्रकाश ने यूपीपीसीबी और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ली।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि पहले चरण में सड़कों पर धूल और धुआं रोकने की कवायद होगी। सभी संबंधित विभागों को अपनी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाना होगा।
वहीं, नगर निगम लगातार पानी का छिड़काव सुनिश्चित कराएगा। चौराहों पर वाहन न्यूनतम समय तक ही रुकें। इसके लिए भी पुलिस आयुक्त से संपर्क किया जाएगा।
एक्यूआई बढ़ा तो महंगी हो जाएगी पार्किंग
एक्शन प्लान लागू करने के साथ ही निजी वाहनों के उपयोग को भी हतोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए योजना है कि पार्किंग की दरों को दो या तीन गुना तक बढ़ा दिया जाए। इसके लिए नगर निगम का सहयोग यूपीपीसीबी लेगा। हालांकि, अभी ऐसा करने का फैसला नहीं हुआ है। यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि हवा के खतरनाक होने की स्थिति में ही इसका उपयोग किया जाएगा।
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ईंट भट्ठा संचालकों की बुलाई बैठक
ईंट-भट्ठों को बंद करने का फैसला अभी डीएम ने टाल दिया है। उनका कहना है कि पहले यह आकलन कर लिया जाए कि इससे ईंटों की आपूर्ति तो प्रभावित नहीं होगी। एक बैठक भी प्रशासन, यूपीपीसीबी और ईंट भट्ठा संचालकों के साथ करेगा।
वायु प्रदूषण में आई कमी
बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। बुधवार को जहां एक्यूआई 326 रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, बृहस्पतिवार को यह औसत 270 हो गया।
डीएम ने प्रदूषण की रोकथाम में ढिलाई पर जताई नाराजगी
निर्देश के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण में शिथिलता पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जिम्मेदार विभागों को कड़ी चेतावनी दी है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के स्तर पर अभी तक कोई ठोस पहल न किए जाने पर नाराज डीएम ने तत्काल टीमें गठित कर प्रदूषण फैला रही इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं के पास पानी का छिड़काव किया जाए, ग्रीन नेट की व्यवस्था हो, निर्माण सामग्री को ढक कर रखें, बृहद परियोजनाओं पर एंटी स्मोक गन तथा पीटी जेड कैमरा लगाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। निर्माण सामग्री का परिवहन भी पूरी तरह कवर्ड वाहनों में ही किया जाए।
डस्ट कंट्रोल की अपलोड हो रिपोर्ट
निर्माण परियोजनाओं का सेल्फ डस्ट कंट्रोल ऑडिट Dustapp.upecp.in पर अपलोड किया जाए। इस पर प्रत्येक कार्यदायी संस्था अपने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की डिटेल व सभी व्यवस्था मानक के अनुरूप कराने की फोटोग्राफ 24 घंटे में उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा कि इस लापरवाही पर कार्रवाई होगी। निर्देश दिया कि प्रदूषण फैला रही औद्योगिक इकाइयों, निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया जाए। दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। डॉ. राम करन ने बताया कि फैक्टरियों की नियमित निगरानी की जाएगी। यूपीपीसीबी की टीमें जहां क्षेत्र में सर्वे करेंगी। वहीं, पीटीजेड कैमरा और डस्ट कंट्रोल ऑडिट रिपोर्ट से भी प्रदूषण की निगरानी यूपीपीसीबी सुनिश्चित करेगा। प्रदूषण मिला तो संबंधित इलाके की इकाई को बंद करा दिया जाएगा।
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राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जाम न लगने देने का आदेश प्रशासन ने दिया है। इसके लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है।
अब प्रशासन की मदद से यूपीपीसीबी कार्रवाई करेगा। पहले चरण में सड़कों के गड्ढे पाटे जाएंगे। जबकि जाम खत्म करने के लिए पुलिस आयुक्त से मदद ली जाएगी।
वहीं, नगर निगम सड़कों पर पानी का छिड़काव कराएगा। वहीं, पांच दिन बाद राजधानी की हवा में सुधार हुआ है।
बृहस्पतिवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान की बैठक डीएम अभिषेक प्रकाश ने यूपीपीसीबी और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ली।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि पहले चरण में सड़कों पर धूल और धुआं रोकने की कवायद होगी। सभी संबंधित विभागों को अपनी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाना होगा।
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वहीं, नगर निगम लगातार पानी का छिड़काव सुनिश्चित कराएगा। चौराहों पर वाहन न्यूनतम समय तक ही रुकें। इसके लिए भी पुलिस आयुक्त से संपर्क किया जाएगा।
एक्यूआई बढ़ा तो महंगी हो जाएगी पार्किंग
एक्शन प्लान लागू करने के साथ ही निजी वाहनों के उपयोग को भी हतोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए योजना है कि पार्किंग की दरों को दो या तीन गुना तक बढ़ा दिया जाए। इसके लिए नगर निगम का सहयोग यूपीपीसीबी लेगा। हालांकि, अभी ऐसा करने का फैसला नहीं हुआ है। यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि हवा के खतरनाक होने की स्थिति में ही इसका उपयोग किया जाएगा।
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ईंट भट्ठा संचालकों की बुलाई बैठक
ईंट-भट्ठों को बंद करने का फैसला अभी डीएम ने टाल दिया है। उनका कहना है कि पहले यह आकलन कर लिया जाए कि इससे ईंटों की आपूर्ति तो प्रभावित नहीं होगी। एक बैठक भी प्रशासन, यूपीपीसीबी और ईंट भट्ठा संचालकों के साथ करेगा।
वायु प्रदूषण में आई कमी
बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। बुधवार को जहां एक्यूआई 326 रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, बृहस्पतिवार को यह औसत 270 हो गया।
डीएम ने प्रदूषण की रोकथाम में ढिलाई पर जताई नाराजगी
निर्देश के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण में शिथिलता पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जिम्मेदार विभागों को कड़ी चेतावनी दी है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के स्तर पर अभी तक कोई ठोस पहल न किए जाने पर नाराज डीएम ने तत्काल टीमें गठित कर प्रदूषण फैला रही इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं के पास पानी का छिड़काव किया जाए, ग्रीन नेट की व्यवस्था हो, निर्माण सामग्री को ढक कर रखें, बृहद परियोजनाओं पर एंटी स्मोक गन तथा पीटी जेड कैमरा लगाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। निर्माण सामग्री का परिवहन भी पूरी तरह कवर्ड वाहनों में ही किया जाए।
डस्ट कंट्रोल की अपलोड हो रिपोर्ट
निर्माण परियोजनाओं का सेल्फ डस्ट कंट्रोल ऑडिट Dustapp.upecp.in पर अपलोड किया जाए। इस पर प्रत्येक कार्यदायी संस्था अपने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की डिटेल व सभी व्यवस्था मानक के अनुरूप कराने की फोटोग्राफ 24 घंटे में उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा कि इस लापरवाही पर कार्रवाई होगी। निर्देश दिया कि प्रदूषण फैला रही औद्योगिक इकाइयों, निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया जाए। दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। डॉ. राम करन ने बताया कि फैक्टरियों की नियमित निगरानी की जाएगी। यूपीपीसीबी की टीमें जहां क्षेत्र में सर्वे करेंगी। वहीं, पीटीजेड कैमरा और डस्ट कंट्रोल ऑडिट रिपोर्ट से भी प्रदूषण की निगरानी यूपीपीसीबी सुनिश्चित करेगा। प्रदूषण मिला तो संबंधित इलाके की इकाई को बंद करा दिया जाएगा।