एयर इंडिया ने विदेश घूमने गए यात्रियों को बिना सामान पहुंचाया पेरिस, पाई-पाई को हुए मोहताज
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एयर इंडिया की गलती से विदेश घूमने गए दंपती पाई-पाई के लिए मोहताज हो गए। उनके बैग गुम हो गए। पेरिस जैसे महंगे शहर में केवल एक जोड़ी कपड़े और बिना कैश के एयरपोर्ट पर खड़े विजयखंड निवासी पति-पत्नी को दवाएं, कपड़े, बैग खरीदने के लिए साथी यात्रियों से पैसे उधार लेने पड़े। जिला उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया को दोषी मानते हुए करीब 7.5 लाख रुपये से अधिक हर्जाना देने का आदेश दिया है।
जिला उपभोक्ता फोरम (प्रथम) में विजयखंड गोमतीनगर निवासी पंकज भार्गव और सविता भार्गव ने शिकायत की कि उन्होंने इंडियन एयरलाइंस से टिकट बुक कराया। उनकी विदेश यात्रा सात जून 2014 से शुरू होकर 16 जून को इटली में समाप्त होनी थी।
उनका लगेज पेरिस एयरपोर्ट पर सात जून को मिलना था। इस सामान में उनके कपड़े, पैसों के अलावा उच्च रक्तचाप और मधुमेह की दवाएं भी थीं। पेरिस एयरपोर्ट पर बैग उनको नहीं मिला। इसकी शिकायत के बाद भी अगले एक सप्ताह तक उनको सामान नहीं मिला। यात्रा समाप्त होने से एक दिन पहले उनको सामान पहुंचाया गया।
यात्री से ऐसा व्यवहार: फ्लोरेंस एयरपोर्ट पर है सामान, जाकर खुद ले लें
पंकज भार्गव ने शिकायत में बताया कि 14 जून 2014 की शाम को एयरलाइंस की तरफ से फोन आया कि उनके बैग फ्लोरेंस एयरपोर्ट पर हैं। खुद जाकर उसे ले लें। पंकज उस समय एरोजो में थे। उस समय शिकायतकर्ता ऐरोजो में थे। वहां से 24 हजार रुपये खर्च कर वह अपना सामान लेने गए। पूरे समय एयरलाइंस के अधिकारी सहयोग करने की जगह परेशानी खड़ी करने में लगे रहे। क्षतिपूर्ति के लिए किए गए क्लेम को भी एयरलाइंस टालती रही।
दूसरों से पैसा मांगकर खरीदीं दवाएं, कपड़े
शिकायतकर्ता का कहना है कि साथी यात्रियों से पैसा मांगकर हमने अपने लिए दवाएं और कपड़े खरीदे। पूरी यात्रा के समय हमें अपने बिलों के भुगतान से लेकर दूसरी खरीदारी के लिए दूसरों पर आश्रित रहना पड़ा। पूरे समय हम मानसिक कष्ट में रहे।
फोरम ने कहा: क्षतिपूर्ति नहीं संभव, फिर भी सबक जरूरी
फोरम के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य स्नेह त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा है कि विदेश यात्रा पर गए व्यक्ति को अगर उसका सामान नहीं मिले, तो ऐसे में उसके ऊपर क्या गुजरती है, इसकी कल्पना सहज की जा सकती है। शिकायतकर्ता को हुई परेशानी की क्षतिपूर्ति पैसों से नहीं की जा सकती है। फिर भी एयरलाइंस से शिकायतकर्ता को हर्जाना दिलाया जाना चाहिए जिससे दूसरे यात्रियों के साथ ऐसा नहीं हो।
एयरलाइंस के अधिकारी शिकायतकर्ता को एरोजो से फ्लोरेंस एयरपोर्ट जाने पर आए खर्च 24,179 रुपये, दवाएं व नया सूटकेस आदि खरीदने में हुए खर्च के 12705 रुपये, सहयोगी यात्रियों के सहयोग से क्रय किए गए कपड़ों की कीमत 37,688 रुपये के अलावा मानसिक परेशानी के लिए पांच लाख रुपये सात जून 2014 से अब तक नौ प्रतिशत ब्याज के साथ और विधिक व्यय के लिए 10 हजार रुपये अदा करें।