केजीएमयू को जल्द मिलेगी उड़ने वाली एंबुलेंस
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किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एयर एंबुलेंस लाने की कवायद तेज हो गई है। सबसे पहले हैलीपैड के लिए उपयुक्त जगह ढूंढी जा रही है। पहले ट्रॉमा सेंटर में हैलीपैड बनना था, क्योंकि वहां इमरजेंसी मेडिसिन विभाग विकसित किया जा रहा है।
लेकिन भवन का आर्किटेक्ट हैलीकॉप्टर की लैंडिंग के अनुकूल न होने के कारण इसे रिजेक्ट कर दिया गया है। अब गौतम बुद्ध पार्क में हैलीपैड बनाने के लिए सर्वे किया जाएगा।
आपदा प्रभावित गंभीर मरीजों को तुरंत इमरजेंसी इलाज मुहैया कराने के लिए केजीएमयू में एयर एबुंलेंस लाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखा रहे हैं, इससे प्रदेश में पहली एयर एंबुलेंस सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
केजीएमयू प्रशासन ने पहले एयर एंबुलेंस के लिए ट्रॉमा सेंटर भवन की छत को चुना था लेकिन तीन अलग-अलग भवन को मिलाकर बनने के कारण उसे रिजेक्ट कर दिया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि चॉपर के एयर प्रेशर से इस भवन को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद सरदार पटेल हॉस्टल ग्राउंड, प्रशासनिक भवन के सामने का ग्राउंड और शताब्दी हॉस्पिटल के आसपास के इलाके का सर्वे किया गया।
बढ़ते हुए ट्रैफिक को देख पड़ी जरूरत
इसी दौरान विशेषज्ञों ने गोमती नदी के तट पर हैलीपैड बनाने की जगह को मुफीद बताया है। इसी के बाद गौतम बुद्ध पार्क के आसपास की जगह का चयन किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
केजीएमयू में सबसे पहले कार्डियो थोरेसिक वस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस विभाग के नए भवन) के ऊपर हैलीपैड बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन बाद में ये ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर एयर एंबुलेंस की जरूरत महसूस हो रही है।
शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए ये एयर एंबुलेंस की जरूरत को महसूस किया जा रहा है। केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत ने इस दिशा में तेजी से कार्य किया और प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया। अब वहां से हरी झंडी का इंतजार है।
हालांकि मुख्यमंत्री की रुचि को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन हैलीपैड को लिए तेजी से जगह तलाशने में जुटा है।