फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   aids of noida chief engineer yadav singh attack media in agra.

'सरकारी दामाद' बेखौफ, मीडिया पर हमला!

Wed, 03 Dec 2014 04:57 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 03 Dec 2014 04:57 PM IST
विज्ञापन
aids of noida chief engineer yadav singh attack media in agra.

इनकम टैक्स की जांच यादव सिंह के गुर्गों तक पहुंची

विज्ञापन
तो उन्होंने गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं। आगरा में जांच की रिपोर्टिंग कर रही मीडिया पर जबरदस्त हमला हुआ।

पिछले कई दिनों से जिस तरह से मीडिया यादव सिंह की गंदी करतूतों को बेपर्दा कर रही है, उसका बदला यादव सिंह के गुंडों ने ले लिया।

दरअसल, नोएडा के बाद आयकर विभाग को अब आगरा में भी यादव सिंह की अकूत संपत्ति का पता चला था। इस अकूत संपत्ति के बारे में जब स्थानीय मीडिया को जानकारी मिली तो वो काली करतूत की कवरेज करने पहुंची। उस संपत्ति पर यादव के गुर्गे तैनात थे। इन गुंडों ने मीडिया कर्मियों को दबोच लिया।

वहां मौजूद मीडिया कर्मियों की बाइक, नगदी और कैमरे भी छीन लिए। इससे पहले की वो अपने कैमरों में कुछ कैद कर पाते वहीं उनके कैमरों को तोड़ दिया गया। वाहन भी जबरदस्ती अपने कब्जे में ले लिए।
विज्ञापन


इतना सब कुछ करने के बाद यादव सिंह के आदमी मौके से फरार हो गए। पुलिस को इस पूरी घटना की जानकारी दी गई है। अब पुलिस पूरे मामले पर अपनी कार्रवाई करेगी। वहीं आयकर विभाग भी आगरा में मिली यादव सिंह की इस प्रॉपर्टी की जांच कर रही है। जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये था मीडिया का सबसे बड़ा खुलासा

aids of noida chief engineer yadav singh attack media in agra.

मंगलवार को एक अंग्रेजी अखबार ने यादव सिंह को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। कुछ दिन पहले तक तीनों मालदार अ‌थॉरिटीज का चार्ज संभाल रहे यादव सिंह के पास कॅरियर के लंबे समय तक एक अदद डिग्री तक नहीं थी।

यादव ने 1980 में जूनियर इंजीनियर के तौर पर नोएडा अथॉरिटी ज्वॉइन की। 1985 में उसे असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर प्रमोट कर दिया गया। 1995 में एक और प्रमोशन हुआ और यादव प्रोजेक्ट इंजीनियर बन गया। हालांकि, दिचलस्प बात यह है कि इस पूरे 15 साल के कॅरियर में यादव के पास इंज‌ीनियर‌िंग की डिग्री ही नहीं थी।

1995 में जब यादव को प्रोजेक्ट इंजीनियर बनाया गया, तो उससे तीन साल में डिग्री देने का ‌आदेश भी दिया गया। यादव ने डिग्री पेश कर दी, लेकिन इस प्रमोशन ने कई लोगों को खफा भी कर दिया।

लोगों की नाराजगी दो वजहों से थी। पहली, यादव सिंह के पास डिग्री नहीं थी और दूसरी वजह कि यादव के पहले 20 अन्य असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे।

नो‌एडा अथॉरिटी की भर्ती व पदोन्नति नियमावली के मुताबिक, एक जूनियर इंजीनियर को असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर के पद पर तभी प्रमोट किया जा सकता है जब उसके पास जूनियर इंजीनियर की पोस्ट पर 15 साल का अनुभव हो।

ऐसा फ्रॉड कि पत्नी भी थी अनजान!

aids of noida chief engineer yadav singh attack media in agra.

माया और अखिलेश की छत्रछाया में चांदी काटते रहे यादव सिंह के ठिकानों पर आयकर छापे में बेशुमार दौलत मिली। बताते चलें कि यूपी सरकार का ये सरकारी दामाद 90 लाख की ऑ़डी में घूमता था।

36 घंटे तक चली छापेमारी के बाद जब आयकर विभाग ने यादव सिंह की संप‌त्ति का आंकलन किया तो विभाग के अफसरों का भी सिर चकरा गया। यहां तक कि जब यादव सिंह की पत्नी से हिसाब-किताब पूछा गया तो वह भी दांयें-बांयें देखने लगीं।

यादव की पत्नी कुसुमलता की कंपनी मीनू क्रिएशन में 12.5 करोड़ के कीमती गारमेंट्स का स्टाक पाया गया। कुसुमलता इसके निवेश का स्रोत नहीं बता सकीं।

इसी कंपनी के दूसरे डायरेक्टर अनिल पेशावरी के नोएडा स्थित आवास की जांच में 40 लाख रुपए कैश मिले। वे भी नहीं बता पाए कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed