भूकंप के बाद यूपी में बिजली-पानी का कहर, कई मौतें
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भूकंप के बाद मंगलवार तड़के आंधी-तूफान ने राजधानी में कहर बरपाया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर पड़े।
पारा में आकाशीय बिजली गिरने से मां-बेटे की मौत हो गई तो कृष्णानगर में बिजली के तार की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई। वजीरगंज में राजस्व परिषद की दीवार ढहने से दो मजदूर दब गए। इन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
कुदरत के कहर से राजधानी के लोग लगातार तीसरे दिन सहमे रहे। पारा के कलंदरखेड़ा में सुबह करीब साढ़े छह बजे रिक्शा चालक मोहनलाल दुबे की झोपड़ी में बिजली गिरी। उस वक्त मोहनलाल पत्नी मायादेवी (३८), बेटे दीपक (१४) और विक्रम (६) के साथ सो रहा था। बिजली गिरने से मायादेवी और दीपक बुरी तरह से झुलस गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि मोहनलाल बुरी तरह से झुलस गया।
हादसे से बस्ती में चीख-पुकार मच गई। आस-पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। ट्रामा सेंटर में मोहनलाल की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसी क्रम में कृष्णानगर थाना के पीछे इंद्रपुरी कालोनी में बिजली के तार की चपेट में आकर युवक ने दम तोड़ दिया। हालांकि, पुलिस हादसे से इंकार करती रही।
एक और मामले में कृष्णा नगर के न्यू इंद्रपुरी भोला खेड़ा क्षेत्र के 48 साल के दयाराम की मौत तूफान और बारिश की वजह से हुई। दयाराम सुबह दूध लाने के लिए जा रहा था। रास्ते में बारिश से भरे हुए पानी में बिजली का नंगा तार पड़ा था। उसी पर दयाराम का पैर पड़ गया और उसकी मौके पर मृत्यु हो गई।
उधर, वजीरगंज में राजस्व परिषद की दीवार ढहने से मजदूर प्रहलाद और बब्बू बुरी तरह से घायल हो गए। इन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मजदूर यहां निर्माण कार्य में लगे थे। इस बीच शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी-तूफान से लगातार तबाही और क्षति की खबरें आ रही हैं। निगोहा में मकान ढह गया तो आशियाना में कार पर पेड़ गिर पड़ा।
लखनऊ के आसपास भी मौतें
लखनऊ के अलावा लखनऊ के आसपास भी बिजली गिरने और तूफान से कई मौतें हुई हैं। अमेठी जिले के मुंशीगंज के शाहगढ़ में बिजली गिरने से शांति पांडेय (६०) पत्नी श्याम बाहदुर व शानू (१०) पुत्री संतोष की मौत हो गई। जबकि घर के बाहर सो रही कोमल (११) पुत्री विजय कुमार झुलस गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे सेवकी मजरे सूरज कुंडा गांव के अजय यादव (१८), अंकुश यादव (१९) प्रसाधन के लिए खेत गए थे, जहां बिजली गिरने से दोनों की मौत हो गई। अजय इंटर जबकि अंकुश बीए का छात्र था। वहीं सरेनी इलाके में महुआ बीन रहे एक किसान की बिजली गिरने से मौत हो गई। उधर, अमेठी के तिलोई तहसील क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी माता बदल (६०) खेत गया था।
बारिश होने पर वह बाबा लक्खा दास की कुटी में रुक गया। तेज हवाओं से कुटी ढह गई, जिसमें दबकर उसकी मौत हो गई। क्षेत्र में कई जगहों पर बिजली के खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप रही। अंबेडकरनगर जिले में अकबरपुर थाने के कुडिय़ा चितौना गांव में बिजली गिरने साबिर (१०) की मौत हो गई। उसका भाई फरहान (७) झुलस गया।
बड़ेपुर गांव निवासी दोनों मौसी के घर गए थे। श्रावस्ती के गिलौला में आंधी-पानी से दो कच्चे मकान ढह गए। वहीं मुख्य लाइन के तार टूटने से पूरे जिले में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बीएसएनएल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सीतापुर में मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा। कई जगहों पर तार टूट गए जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। बहराइच के महसी व बिच्छा में दो मकान ढह गए।
हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। खेत-खलिहान में रखी फसलें से आंधी-पानी से बर्बाद हो गई। कई जगहों पर पेड़ व बिजली के पोल भी गिरे। बलरामपुर व गोंडा जिले में बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। यहां बिजली के पोल गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
फैजाबाद के कुंवरपुर में खेत में बिजली गिरने से गेहूं के बोझ जल गए। आंधी-पानी से कई जगहों पर पेड़ धराशायी हो गए। बाराबंकी में आंधी-पानी से खेतों व खलिहान में पड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
मौतों के अलावा तूफान का असर सामान्य जीवन पर भी खूब पड़ा। बिजली के तार टूटने से राजधानी के अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई। जर्जर व कमजोर दीवारें ढह गईं। रेलवे ट्रैक बाधित हो गया।
आंधी के बाद लगभग आधे लखनऊ की बिजली गुल हो गई। 50 से अधिक बिजली उपकेंद्र बंद इस तूफान के बाद ठप्प हो गए। मोहन लालगंज से रहीमाबाद तक। और हरौनी से लेकर वृंदावन कॉलोनी तक बिजली प्रभावित हुई है। 12 जगहों पर बिजली के तारों पर पेड़ गिरे। जिसके बिजली की आपूर्ति बाधित।