10 साल बाद 10 हजार सिपाहियों का प्रमोशन
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कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन के बाद अब हेड कांस्टेबल की बारी है।
पुलिस हेडक्वार्टर ने सूबे के करीब 10 हजार हेड कांस्टेबलों को प्रमोशन का तोहफा देने की तैयारी कर ली है। यह प्रमोशन जिलों में सब इंस्पेक्टर की वैकेंसी के आधार पर दिया जाएगा।
डीआईजी स्थापना कवींद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को भेजे निर्देश में सूबे के सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों से सब इंस्पेक्टर के रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा है।
पुलिस हेडक्वार्टर की इस पहल से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हेड कांस्टेबलों में उत्साह का माहौल है। हेड कांस्टेबल पुलिस महकमे की सबसे अहम कड़ी है।
एफआईआर लिखने, मालखाना का चार्ज संभालने के साथ ही थानों और ऑफिसों में महत्वपूर्ण और अति गोपनीय रिकॉर्ड का रख-रखाव, देख-रेख और पर्यवेक्षण, माल-मुकदमे की सुरक्षा, वाहनों की नीलामी सहित अन्य कई कार्य इनके ही जिम्मे होते हैं।
सिपाही से आईपीएस अफसर तक को ट्रेनिंग भी यही हेड कांस्टेबल देते हैं। इन्हें महकमे की रीढ़ माना जाता है लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों का रवैया इनके प्रति उदासीन रहा, जिससे इनके प्रमोशन में लेट-लतीफी होती रही।
पुलिस महकमे के सूत्र बताते हैं कि हेड कांस्टेबल का आखिरी प्रमोशन वर्ष 2003 में हुआ था। कई हेड कांस्टेबल ऐसे हैं जो 16 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नत नहीं हुए।
सरकारी उपेक्षा और विसंगतियों के चलते हेड कांस्टेबलों में न सिर्फ असंतोष था बल्कि उनमें कुंठा पैदा हो गई थी। ऐसे में प्रमोशन की तैयारी संबंधी चर्चा ने हेड कांस्टेबलों में खुशी की लहर पैदा कर दी है।
डीआईजी स्थापना ने एक महीने के भीतर सभी जनपद के पुलिस प्रभारियों से 31 दिसंबर 2013 तक सिविल पुलिस में सीधी भर्ती के तथा रैंकर सब इंस्पेक्टर का ब्यौरा मंगाया है। ऐसे सब इंस्पेक्टरों के नाम न भेजने के निर्देश दिए गए हैं जिनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई हो।
सिर्फ 4500 हेड कांस्टेबल जबकि होने चाहिए 40 हजार
सिपाहियों के नियतन के मुताबिक सूबे में करीब 40,000 हेड कांस्टेबल की आवश्यकता है जबकि इनकी वर्तमान संख्या मात्र 4500 के आसपास ही है।
कई छोटे जनपदों में तो हेड कांस्टेबल के पद विलुप्त हो चुके हैं। सिर्फ महानगरों में ही हेड कांस्टेबल बचे हैं।
हालांकि, महानगरों में भी इनकी संख्या काफी कम है। कई थानों और कोतवालियों में मालखाने का चार्ज लेने के लिए हेड कांस्टेबल नहीं हैं।