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यूपी सरकार की सख्ती के बाद बनने लगे सस्ते फ्लैट, जल्द खरीदें...
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 07 Nov 2017 01:33 PM IST
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मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अब निजी बिल्डर कम आय वर्ग के लिए आवास बनाने के लिए ऑफर करने लगे हैं। टाउनशिप नीति में अनिवार्यता होने के बाद भी अब तक बड़े बिल्डर्स इससे बच रहे थे। आवास विभाग से आदेश के बाद ओमेक्स और अंसल जैसे बिल्डरों ने जहां 1100 से अधिक फ्लैटों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, एलडीए ने भी अपनी पहले आओ-पहले बुक करो योजना में अफॉर्डेबल हाउसिंग में बने 1बीएचके फ्लैट बेचने का ऑफर दिया है। ऐसे में इसी महीने से लोगों के पास कम कीमत के करीब 1,280 फ्लैट खरीदने का मौका होगा। ओमेक्स की गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 की टाउनशिप में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के 130 फ्लैटों के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है।
2018 के अंत तक बिल्डर इन पर कब्जा भी दे देगा। निर्माण का अधिकतर काम पूरा किया जा चुका है। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 40 फ्लैट पांच लाख रुपये और एलआईजी वर्ग के लिए 12 लाख में फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। इनके लिए आवेदन पांच दिसंबर तक किया जा सकता है। ईडब्ल्यूएस आवास का कारपेट एरिया 23 वर्गमीटर और एलआईजी का क्षेत्रफल 31 वर्गमीटर है। ओमेक्स को 1454 यूनिट बनाने थे। बिल्डर का दावा है कि अब केवल 130 फ्लैट ही उनके पास आवंटन को बचे हैं।
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वहीं, एलडीए ने भी अपनी पहले आओ-पहले बुक करो योजना में अफॉर्डेबल हाउसिंग में बने 1बीएचके फ्लैट बेचने का ऑफर दिया है। ऐसे में इसी महीने से लोगों के पास कम कीमत के करीब 1,280 फ्लैट खरीदने का मौका होगा। ओमेक्स की गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 की टाउनशिप में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के 130 फ्लैटों के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है।
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2018 के अंत तक बिल्डर इन पर कब्जा भी दे देगा। निर्माण का अधिकतर काम पूरा किया जा चुका है। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 40 फ्लैट पांच लाख रुपये और एलआईजी वर्ग के लिए 12 लाख में फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। इनके लिए आवेदन पांच दिसंबर तक किया जा सकता है। ईडब्ल्यूएस आवास का कारपेट एरिया 23 वर्गमीटर और एलआईजी का क्षेत्रफल 31 वर्गमीटर है। ओमेक्स को 1454 यूनिट बनाने थे। बिल्डर का दावा है कि अब केवल 130 फ्लैट ही उनके पास आवंटन को बचे हैं।
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एलडीए ने भी 13 लाख रुपये में दिया आवास
डेमो
पहले आओ-पहले बुक करो योजना में एलडीए ने अब केवल 13 लाख की कीमत के 150 फ्लैट बिक्री को रखे हैं। सोमवार को आधिकारिक रूप से अनुमोदन के बाद मंगलवार से इन्हें खरीदा जा सकेगा। 30 वर्गमी. कारपेट एरिया के इन 1बीएचके फ्लैटों की कीमत 13 लाख रुपये है। इनका निर्माण एलडीए जानकीपुरम विस्तार में कर रहा है।
लोगों की ओर से 20 लाख रुपये से कम कीमत में फ्लैट की मांग लगातार आने के बाद एलडीए ने इन्हें शामिल किया है। एलडीए ने कानपुर रोड, मानसरोवर और शारदानगर योजना में महंगे फ्लैट भी खोल दिए हैं। एक हजार फ्लैट लेकर आ रहा अंसल
शासन की सख्ती के बाद अंसल बिल्डर की भी फाइल एलडीए पहुंच गई है।
इसके अनुमोदन के बाद अंसल भी करीब 1000 फ्लैटों के पंजीकरण को आवेदन खोलेगा। इनमें 450 एलआईजी और 550 ईडब्ल्यूएस फ्लैट होने की जानकारी एलडीए के अधिकारियों ने दी। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए पांच लाख और एलआईजी के लिए 9.50 लाख रुपये में फ्लैट मौजूद होंगे।
लोगों की ओर से 20 लाख रुपये से कम कीमत में फ्लैट की मांग लगातार आने के बाद एलडीए ने इन्हें शामिल किया है। एलडीए ने कानपुर रोड, मानसरोवर और शारदानगर योजना में महंगे फ्लैट भी खोल दिए हैं। एक हजार फ्लैट लेकर आ रहा अंसल
शासन की सख्ती के बाद अंसल बिल्डर की भी फाइल एलडीए पहुंच गई है।
इसके अनुमोदन के बाद अंसल भी करीब 1000 फ्लैटों के पंजीकरण को आवेदन खोलेगा। इनमें 450 एलआईजी और 550 ईडब्ल्यूएस फ्लैट होने की जानकारी एलडीए के अधिकारियों ने दी। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए पांच लाख और एलआईजी के लिए 9.50 लाख रुपये में फ्लैट मौजूद होंगे।
जीएसटी बढ़ा रहा कीमत
डेमो
गरीबों के आवास पर बिल्डर और एलडीए 12 प्रतिशत जीएसटी भी लगाएंगे। ऐसा केंद्र सरकार की जीएसटी के लिए नई नीति में किया गया है। इससे पहले गरीबों के 60 वर्गमी. तक के आवास को सर्विस टैक्स से बाहर रखा गया था। लेकिन अब ईडब्ल्यूएस तक को भी जीएसटी देना होगा। ऐसे में 50,000 से डेढ़ लाख रुपये तक जीएसटी अतिरिक्त देना होगा।
बिल्डरों पर आवंटी या सरकार, किसी का दबाव काम नहीं करता है। शायद यही वजह है कि टाउनशिप नीति में शर्त के बाद भी 20 प्रतिशत गरीबों के आवास बनाने का काम नहीं होता। अभी तक लखनऊ में दिए गए टाउनशिप के लाइसेंस के मुताबिक ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग में कुल 9070 फ्लैट बनाए जाने हैं। लेकिन इसका 20 प्रतिशत भी बिल्डर नहीं बना पाए हैं। सरकार से पिछले दिनों शिकायत के बाद आवास विभाग ने सख्ती दिखाई। इसका असर अब दिखने लगा है।
यहां तो सबका बुरा हाल
बिल्डर प्रस्तावित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी बनाए ईडब्ल्यूएस/एलआईजी
अंसल 4504/4566 765/874
बीबीडी विराज 1032/1032 268/132
एमार एमजीएफ 414/414 264/शून्य
ओमेक्स 727/727 240/280
(यह आंकड़े एलडीए ने आवास विभाग को सितंबर में भेजे थे। हालांकि एल्डिको ने प्रस्तावित संख्या से ज्यादा ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट बना दिए हैं।)
बिल्डर गरीबों के आवास बनाएं। इसके लिए लगातार समीक्षा एलडीए और आवास विभाग के स्तर पर होती है। गरीबों के आवास बनाना अनिवार्य है। इससे किसी को छूट नहीं मिल सकती है। - राहुल श्रीवास्तव, प्रभारी, हाइटेक-इंटीग्रेटिड सेल, एलडीए
बिल्डरों पर आवंटी या सरकार, किसी का दबाव काम नहीं करता है। शायद यही वजह है कि टाउनशिप नीति में शर्त के बाद भी 20 प्रतिशत गरीबों के आवास बनाने का काम नहीं होता। अभी तक लखनऊ में दिए गए टाउनशिप के लाइसेंस के मुताबिक ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग में कुल 9070 फ्लैट बनाए जाने हैं। लेकिन इसका 20 प्रतिशत भी बिल्डर नहीं बना पाए हैं। सरकार से पिछले दिनों शिकायत के बाद आवास विभाग ने सख्ती दिखाई। इसका असर अब दिखने लगा है।
यहां तो सबका बुरा हाल
बिल्डर प्रस्तावित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी बनाए ईडब्ल्यूएस/एलआईजी
अंसल 4504/4566 765/874
बीबीडी विराज 1032/1032 268/132
एमार एमजीएफ 414/414 264/शून्य
ओमेक्स 727/727 240/280
(यह आंकड़े एलडीए ने आवास विभाग को सितंबर में भेजे थे। हालांकि एल्डिको ने प्रस्तावित संख्या से ज्यादा ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट बना दिए हैं।)
बिल्डर गरीबों के आवास बनाएं। इसके लिए लगातार समीक्षा एलडीए और आवास विभाग के स्तर पर होती है। गरीबों के आवास बनाना अनिवार्य है। इससे किसी को छूट नहीं मिल सकती है। - राहुल श्रीवास्तव, प्रभारी, हाइटेक-इंटीग्रेटिड सेल, एलडीए