मेडिकल पीजी में 3 मई तक होंगे प्रवेश, ये सीटें अब भी खाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के पीजी पाठ्यक्रमों में सेकंड काउंसलिंग के माध्यम से सीट पाने वाले अभ्यर्थी 3 मई तक प्रवेश ले सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के अनुसार, नोडल सेंटर पर रिपोर्ट करते समय सभी शैक्षणिक और जाति प्रमाण पत्र मूलरूप में देने होंगे।
ऐसा न करने पर उनके प्रवेश पर विचार नहीं किया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि पहली काउंसलिंग से प्रवेश लेने वाले वे अभ्यर्थी, जिन्हें सेकंड काउंसलिंग में दोबारा सीट मिली है, उन्हें पहले नोडल सेंटर से जारी फीस, अभिलेखों के सत्यापन संबंधी रसीद प्रस्तुत करनी होगी।
दोबारा आवंटन पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित नोडल सेंटर पर शिक्षण शुल्क के अंतर की धनराशि का बैंक ड्रॉफ्ट देना होगा। यदि कॉलेज का शिक्षण शुल्क कम है तो अंतर की धनराशि कॉलेज की सिक्योरिटी और छात्रावास शुल्क में समायोजित होगी।
उन्होंने बताया कि ‘बैंक ड्राफ्ट डायरेक्टर जनरल मेडिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग यूपी’ के नाम देय होगा। सेकंड काउंसलिंग से सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी मूल प्रमाण पत्र व आवंटित कॉलेज की ट्यूशन फीस का बैंक ड्राफ्ट नोडल सेंटर पर जमा करना होगा।
मेडिकल पीजी की 52 सीटें अब भी खाली
काउंसलिंग प्रभारी डॉ.बीडी सिंह ने बताया कि पहली काउंसलिंग से आवंटित सीट यदि सेकंड काउंसलिंग में दोबारा मिलती है तो ऐसे अभ्यर्थियों को संबंधित नोडल सेंटर पर रिपोर्ट करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आवंटन स्वयं निरस्त हो जाएगा। पूर्व की आवंटित सीट भी नहीं रहेगी।
नीट पीजी-2019 की सेकंड काउंसलिंग के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 52 और निजी मेडिकल कॉलेजों की 371 सीटें रिक्त हैं। वहीं, निजी डेंटल कॉलेज की 105 सीटें खाली रह गई हैं। इन सीटों को मई के दूसरे सप्ताह में होने वाली मॉप अप राउंड की काउंसलिंग से भरने का प्रयास किया जाएगा।
काउंसलिंग प्रभारी डॉ. बीडी सिंह ने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल विषयों फॉर्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी और एनॉटमी आदि विषयों की सीटें रिक्त हैं।