आईआईटी में बदलेगी दाखिले की प्रक्रिया, पढ़ें खबर...
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) की एडमिशन प्रक्रिया में आगामी सत्र 2017-18 से बदलाव संभव है। इस पर जॉइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की सहमति बन गई है। सितंबर में जैब की एक और मीटिंग होगी।
इसमें बदलाव पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। जैब अब आईआईटी में एडमिशन का सिंगल एंट्रेंस एग्जाम और काउंसलिंग कराना चाहती है। अभी तक दो एग्जाम और छह चरणों की काउंसलिंग कराई जा रही है।
जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस से पहले जेईई मेन का आयोजन किया जाता है। जेईई मेन में सफल दो लाख स्टूडेंट ही एडवांस का पेपर देते हैं। 10 हजार स्टूडेंटों को आईआईटी में एडमिशन मिलता है।
कम रैंक वाले स्टूडेंट एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी में चले जाते हैं। अब इन संस्थानों की एडमिशन प्रक्रिया अलग-अलग करने की रणनीति बनाई गई है।
इसी सिलसिले में सोमवार को आईआईटी गुवाहाटी में जैब की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। प्रो. कृष्णकांत की अध्यक्षता वाली जैब ने कहा कि अगली मीटिंग सितंबर में कराके प्रवेश परीक्षा की पूरी प्रक्रिया तय की जाएगी।
देश की 22 आईआईटी में 93 सीटें खाली
जैब ने सऊदी अरब और अमेरिका की तरह ही जेईई एडवांस का आयोजन कुछ और देशों में कराने पर सहमति दी है। इस सिलसिले में एक कमेटी गठित की गई है।
यह कमेटी सितंबर की प्रस्तावित जैब मीटिंग से पहले रिपोर्ट देगी, फिर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जेईई एडवांस 2017-18 का आयोजन प्रो. प्रेम विष्ट की देखरेख में होगा। वह आईआईटी मद्रास में फिजिक्स डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर हैं।
प्रो. बिष्ट को जेईई एडवांस का चेयरमैन बनाया गया है। इससे पहले (2016-17) जेईई एडवांस का आयोजन आईआईटी गुवाहाटी ने किया था।
जैब की मीटिंग में सत्र 2016-17 खाली सीटों की जानकारी दी गई। बताया गया कि देश की 22 आईआईटी में 93 सीटें खाली हैं। सबसे ज्यादा 43 सीटें आईआईटी बीएचयू की खाली हैं।
एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की 1400 से ज्यादा सीटें खाली पड़ी हैं। अब ये सीटें नहीं भरी जाएंगी। देश के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी और प्रौद्योगिकी संस्थानों की पढ़ाई शुरू हो चुकी है।