बुरी खबरः शिक्षा मित्रों के शिक्षक बनने में फंसा पेंच
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बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के रूप में समायोजित करने के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है।
वहीं प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रहे सहायक अध्यापकों को प्रमोशन नहीं मिला है। ऐसे में शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के रूप में समायोजन फंस गया है।
ये स्थिति तब है जब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्राथमिक शिक्षकों के प्रमोशन के नियमों में ढील दी जा चुकी है, फिर भी प्रदेश के अधिकतर जिलों में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ लखनऊ, सीतापुर में भी सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती की उम्मीद लगाए शिक्षामित्रों को निराशा हो सकती है।
सबसे पहले इन शिक्षामित्रों को मिलेगी तैनाती
इलाहाबाद में भी सोमवार को शिक्षामित्रों के 1823 पदों के सापेक्ष 696 सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती के लिए काउंसलिंग शुरू हुई। जिले में 696 शिक्षामित्रों को ही सहायक अध्यापक के पद तैनाती मिल सकेगी।
शिक्षामित्रों की तैनाती जन्मतिथि के आधार पर की जाएगी। पहले जन्मतिथि वाले शिक्षामित्रों को जल्द तैनाती मिलेगी। इसके बाद सहायक अध्यापकों के प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष शिक्षामित्रों का समायोजन होगा।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी संतोष शुक्ल ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है, जिससे शिक्षामित्रों के समायोजन की राह आसान हो सके।