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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Adipurush: Saints and religious leaders of Ayodhya raised the demand to ban the film, said - Blood boils after

Adipurush : अयोध्या के संत-धर्माचार्यों ने फिल्म पर बैन लगाने की उठाई मांग, कहा-फिल्म देखकर खून खौल उठता है

Sun, 18 Jun 2023 07:04 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 18 Jun 2023 07:04 PM IST
सार

संतों ने कहा कि फिल्म देखकर खून खौल उठता है। दर्शकों से अपील भी करते हुए कहा कि फिल्म देखकर पाप के भागीदार न बनें।

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Adipurush: Saints and religious leaders of Ayodhya raised the demand to ban the film, said - Blood boils after
आदिपुरुष - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

श्रीरामकथा पर आधारित प्रभास व कृति सेनन अभिनीत फिल्म आदिपुरूष के विवादित डायलॉग्स को लेकर साधु-संतों में खासी नाराजगी है। संतों ने रविवार को इस फिल्म पर तत्काल बैन लगाने की मांग की है। कहा कि यदि हिंदू देवी- देवताओं का अपमान ऐसे ही होता रहा तो हमें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना होगा। संतों ने कहा कि फिल्म देखकर खून खौल उठता है। दर्शकों से अपील भी करते हुए कहा कि फिल्म देखकर पाप के भागीदार न बनें।

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संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा फिल्म निर्माताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। आदिपुरुष के संवाद सुनकर खूल खौल उठता है। हमारे देवता व सनातन संस्कृति को अपमानित करने के उद्देश्य से जान-बूझकर ऐसा किया जा रहा है। जिससे हमारे संस्कृति को नुकसान पहुंचाया जा सके।
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सनातन संस्कृति का अपमान
महंत कमलनयन ने कहा हमारे देवताओं के लिए अपमानजनक शब्दों और भाषा का प्रयोग फिल्म आदिपुरुष में किया गया है, जो बर्दाश्त के बाहर है। यह सनातन संस्कृति का अपमान है। रामानंद सागर कृत रामायण देखिए, किसी पात्र के लिए उन्होंने कोई मर्यादा नहीं लांघी। इस पर केंद्र सरकार को तत्काल बैन लगाना चाहिए।
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मर्यादाविहीन फिल्म का हो बहिष्कार
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा हरि हर निंदा सुनई जो काना, होइ पाप गोघात समाना..जो अपने कानों से भगवान की निंदा सुनता है, उसे गोवध के समान पाप लगता है। दर्शकों से अपील है कि फिल्म देखकर वे पाप के भागीदार न बनें। मर्यादाविहीन फिल्म का बहिष्कार होना चाहिए, इस पर तत्काल बैन लगे, नहीं तो व्यापक विरोध होगा।

युवा पीढ़ी के दिमाग पर पड़ेगा गलत असर
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने भी आदिपुरुष फिल्म पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि ऐसी फिल्में युवा पीढ़ी के दिमाग में गलत असर डालती हैं। यह हमारी आस्था पर कुठाराघात है, धर्मग्रंथों का अपमान है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम, माता सीता वह हनुमान जी जैसे कालजयी पात्रों के लिए ऐसे डायलॉग्स लिखना सनातन धर्म के साथ साजिश है।

देवी-देवताओं का चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं
विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता व कमाई के लिए देवी-देवताओं का चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदिपुरुष जैसी फिल्में दुष्प्रचार का माध्यम बनेंगी। इस फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, इस फिल्म को तत्काल बैन किया जाना चाहिए।

विरोध में उतरा रालोद, प्रतिबंध की मांग
राष्ट्रीय लोकदल ने फिल्म आदिपुरुष को अमर्यादित बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके लिए पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि फिल्म निर्माताओं ने इस फिल्म को रामायण पर आधारित बताया है लेकिन इसका कोई भी किरदार धर्म ग्रंथों की मर्यादाओं के अनुसार नहीं है।


फिल्म में अमर्यादित और फूहड़ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म में ऐसे डायलॉग हैं, जो सनातन आस्था और सनातन प्रेमियों के हृदय को ठेस पहुंचाते हैं। फिल्म में दर्शाए गए रामायण के सभी पात्र रामायण की कहानी के बिल्कुल उलट हैं। यह सनातन धर्म ग्रंथों और हमारी संस्कृति पर कुठाराघात है। यह भगवान श्रीराम के चरित्र को धूमिल करने और हमारी संस्कृति को मिटाने का एक गहरा षड्यंत्र है। तत्काल इस फिल्म को बैन किया जाए।

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