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पांच लापरवाह डॉक्टर धरे गए अब कइयों की है बारी

Sat, 27 Jun 2015 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 27 Jun 2015 12:36 PM IST
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action on carelessness of doctors in lucknow
ड्यूटी और इलाज में लापरवाही बरतने वाले पांच डॉक्टरों का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया गया है। सभी को एक हफ्ते में ड्यूटी जॉइन करने का निर्देश दिया है।
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सरोजनीनगर सीएचसी में तैनात डॉ. अक्षय सिंह को नेपाल में आए भूकंप के बाद इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई थी।

डॉक्टर ने नेपाल जाने से मना कर दिया था। जांच के बाद उनका तबादला बदायूं कर दिया गया है। वहीं मोहनलालगंज सीएचसी पर तैनात डॉ. अखिलेश के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
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उन्हें रायबरेली भेजा गया है। इसी तरह साढ़ामऊ के रामसागर मिश्रा अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमा यादव को सीतापुर भेज दिया गया है। डॉ. प्रेमा पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के साथ लेटलतीफी का आरोप था।
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माल सीएचसी में तैनात डॉ. नीतू शुक्ला का कार्य संतोषजनक न मिलने पर उनका तबादला लखीमपुर खीरी कर दिया गया है। इसी तरह चंदरनगर    बीएमसी में तैनात डॉ. प्राची श्रीवास्तव को भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने और लेटलतीफी पर सीतापुर भेज दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, नौ सीएचसी और आठ बीएमसी पर तैनात सभी डॉक्टरों की मॉनिटरिंग चल रही है। लापरवाही बरतने वाले किसी डॉक्टर को बख्शा नहीं जाएगा।

आदत सी बन गई है देर से आना

action on carelessness of doctors in lucknow

सीचएसी और बीएमसी के लापरवाह डॉक्टरों का भले ही तबादला कर दिया गया हो लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा। बलरामपुर अस्पताल में एक डॉक्टर ने मुफ्त होने वाली जांच बाहर से लिख दी।

लखीमपुर निवासी सरवन के बेटे मोनू (5) को पेट में दर्द की शिकायत के बाद बलरामपुर लेकर पहुंचे। बीते बुधवार को डॉक्टर ने क्रेटनीन की जांच लिख दी। पैथोलॉजी पहुंचे तो वहां जांच के लिए अगले दिन बुलाया गया। डॉक्टर को बताया तो उन्होंने चौक स्थित निजी पैथोलॉजी से जांच कराने की सलाह दी।

वहां जांच फीस 1600 रुपये लिए गए। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट दिखाने आए तो डॉक्टर नहीं मिले। सरवन बच्चे को लेकर एक ओपीडी से दूसरी ओपीडी के चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी दूसरे डॉक्टर ने देखने से मना कर दिया।

सरवन ने मामले की शिकायत अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनएन त्रिपाठी से की। पर्चे की जांच कराने पर पता चला गया कि किस डॉक्टर ने जांच लिखी है। सीएमएस ने संबंधित चिकित्सक से पूछताछ करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में बाहर से जांच कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बाद भी बाहर से जांच हो रही है तो डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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