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यूपी: भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों पर बड़ी कार्रवाई, पदावनत कर तहसीलदार बनाए गए
Sun, 06 Jun 2021 12:48 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 06 Jun 2021 12:48 AM IST
सार
राज्य लोक सेवा आयोग की सहमति के बाद आदेश जारी
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश की योगी सरकार की भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जमीन संबंधी प्रकरण में गड़बड़ी पाए जाने के बाद तीन उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को पदावनत कर तहसीलदार बना दिया गया है।
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बताया गया है कि रामजीत मौर्य प्रयागराज में उपजिलाधिकारी हैं। मिर्ज़ापुर में तहसीलदार के पद पर तैनाती के दौरान जमीन सम्बन्धी प्रकरण में शिकायतें हुई थी। आरोप है कि मौर्य ने एक कंपनी को तय सीमा से अधिक भूमि खरीदने के प्रकरण में नियम विरुद्ध आदेश पारित किया।
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इसी तरह जेपी चौहान श्रावस्ती में एसडीएम हैं। चौहान पर पीलीभीत में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान सरकारी जमीन का लाभ एक व्यक्ति को पहुंचाने के लिए आदेश पारित करने का आरोप था। प्रदेश सरकार ने दोनों ही मामलों की जांच कराई जिसमें दोनों को ही दोषी पाया गया। दोनों को ही पदावनत करने का प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा था।
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तीसरे उपजिलाधिकारी हैं अजय कुमार। मुरादाबाद में तैनात हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने नोएडा अथॉरिटी में तहसीलदार के पद पर तैनाती के दौरान अथॉरिटी की जमीन का फायदा एक व्यक्ति को पहुंचाने की दृष्टि से नियम विरुद्ध एक पत्र लिखा। शासन ने अजय की दो वेतन वृद्धि रोकने की संस्तुति की थी।
आयोग ने दो अधिकारियों को पदावनत करने संबंधी राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सहमति दी। लेकिन अजय की दो वेतन वृद्धि रोकने की प्रस्ताव पर सहमत नहीं दी। आयोग ने अजय के दोष के सापेक्ष दंड कम होने का तर्क देते हुए उन्हें भी पदावनत करने की संस्तुति कर दी।
इस तरह तीनों ही अधिकारियों को पदावनत करने का फैसला हुआ। शासन के नियुक्ति विभाग ने आयोग की सहमति आने के बाद तीनों उपजिलाधिकारियों को तहसीलदार के पद पर पदावनत कर दिया है।